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सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, देश में सबसे पहले इस राज्य ने गठित किया 8वां वेतन आयोग

केंद्र सरकार ने 2025 के मध्य में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी और नवंबर 2025 के आसपास इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी हुई.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, देश में सबसे पहले इस राज्य ने गठित किया 8वां वेतन आयोग
Courtesy: pinterest

देश में 8वें वेतन आयोग को लेकर लंबे समय से सरकारी कर्मचारी इंतजार कर रहे हैं. 7वें वेतन आयोग की अवधि 1 जनवरी 2026 को पूरी हो रही है और उसी दिन से 8वें वेतन आयोग के प्रावधान लागू माने जाएंगे. इससे केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन अब तक केंद्र सरकार की ओर से इसे लेकर अंतिम घोषणा नहीं हुई है.

असम ने किया पहला बड़ा कदम

इसी बीच असम से बड़ी खबर सामने आई है. असम सरकार ने देश में सबसे पहले 8वें राज्य वेतन आयोग के गठन का फैसला किया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान इसकी घोषणा की. उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्य सचिव शुभाष दास की अध्यक्षता में 8वें राज्य वेतन आयोग का गठन किया गया है.

देश में असम बना पहला राज्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) पहले ही जारी कर दिए हैं, लेकिन अब तक किसी भी राज्य ने अपने स्तर पर वेतन आयोग नहीं बनाया था. इस फैसले के साथ असम देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने 8वें राज्य वेतन आयोग का गठन किया है.

कब लागू हो सकता है नया वेतनमान

विशेषज्ञों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग के लागू होने में अभी समय लग सकता है. बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस का मानना है कि इसका असर वित्त वर्ष 2027-28 या 2028-29 में दिख सकता है.

प्रक्रिया में क्यों लगता है समय

कानूनी विशेषज्ञ रोहित जैन के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 2025 के मध्य में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी और नवंबर 2025 के आसपास इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी हुई. आमतौर पर किसी भी वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें देने में करीब 18 महीने का समय दिया जाता है.

कर्मचारियों के लिए क्या मतलब

हालांकि 1 जनवरी 2026 को वेतन संशोधन की प्रभावी तिथि तय है, लेकिन नई सैलरी स्ट्रक्चर को अंतिम मंजूरी और नोटिफिकेशन 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में ही मिलने की संभावना है. तब तक कर्मचारियों को इंतजार करना पड़ सकता है.

असम के फैसले का असर

असम सरकार के इस कदम को अन्य राज्यों के लिए संकेत माना जा रहा है. इससे उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में दूसरे राज्य भी अपने-अपने राज्य वेतन आयोग बनाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं.