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कोलकाता केस: 'पर्दा डालने की दिशा में एक कदम..' दीदी की दूसरी चिट्ठी, केंद्र ने आंकड़ों से करा दिया चुप

आरजी कर अस्पताल में रेप-मर्डर केस को लेकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को 8 दिन में दूसरी चिट्ठी लिखी थी, अब इस पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने जवाब दिया है. दरअसल पीएम मोदी ने संबोधित अपने दूसरे पत्र में ममता बनर्जी से बलात्कार और हत्या के मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटने के लिए अनिवार्य प्रावधान की मांग की थी.

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कोलकाता केस: 'पर्दा डालने की दिशा में एक कदम..' दीदी की दूसरी चिट्ठी, केंद्र ने आंकड़ों से करा दिया चुप
Courtesy: Social Media

कोलकाता आरजी कर अस्पताल में लेडी ट्रेनी डॉक्टर से रेप और हत्या मामले में हर दिन नया अपडेट आ रहा है, जगह-जगह इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है वे इसके लिए लगातार प्रोटेस्ट कर रहे हैं. वहीं अब केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने पश्चिम बंगाल की सीएम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दूसरे पत्र का जवाब दिया है. इसमें बलात्कार और हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर सख्त कानून और सजा की मांग की गई है. दरअसल पीएम मोदी ने संबोधित अपने दूसरे पत्र में ममता बनर्जी से बलात्कार और हत्या के मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटने के लिए अनिवार्य प्रावधान की मांग की थी.

ये दोनों पत्र कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में घर जूनियर डॉक्टर के बलात्कार और हत्या की सीबीआई जांच के बीच में आया है.
बीजेपी ने ममता के पत्रों को लेकर उन्हें झूठी कहा था और सवाल किया था कि आखिर उन्होंने अपने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए मौजूदा कड़े नियमों और कानूनों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कुछ क्यों नहीं किया.

केंद्र ने दिया ममता बनर्जी के दूसरे पत्र का जवाब

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने ममता बनर्जी को दिए अपने जवाब में कहा, 'पश्चिम बंगाल में फास्ट ट्रैक स्पेशल और विशेष पॉक्सो कोर्ट की स्थिति के बारे में आपके पत्र में दी गई जानकारी के संबंध में मैं यह उल्लेख करना चाहूंगी कि कोलकाता हाईकोर्ट से प्राप्त जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल है. यह केंद्र सरकार की योजना के तहत आने वाले फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के समान नहीं है'.

'पर्दा डालने की दिशा में एक कदम है...'

उन्होंने आगे लिखा, 'पश्चिम बंगाल में बलात्कार और पास्को के 48,600 मामले लंबित होने के बावजूद राज्य ने अतिरिक्त 11 FTSC का चालू नहीं किया है. यह राज्य की आवश्यकता के अनुसार विशेष पास्को न्यायालय या बलात्कार और पास्को दोनों मामलों से निपटने वाले संयुक्त FTSC हो सकते हैं. जैसे कि देखा जा सकता है इस संबंध में आपके पत्र में निहित जानकारी तथ्यात्मक रूप से गलत है और ऐसा लगता है कि यह राज्य द्वारा FTSC को चालू करने में देरी पर पर्दा डालने की दिशा में एक कदम है.'

8 दिन में दूसरी चिट्ठी

बता दें कि रेप-मर्डर केस को लेकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को 8 दिन में दूसरी चिट्ठी लिखी थी. इसमें उन्होंने कहा , मैंने 22 अगस्त को रेपिस्ट को कड़ी सजा देने  के लिए कानून की मांग को लेकर पत्र लिखा था लेकिन इतने संवेदनशील मुद्दे पर आपकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला. भारत सरकार की ओर से एक जवाब मिला लेकिन उसमें मुद्दे की गंभीरता पर ध्यान नहीं दिया. वहीं ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से अपील की है कि रेप-हत्या जैसे जघन्य अपराधों के लिए कड़े कानून बनाए जाए.