नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह मंगलवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे. उन्होंने NEET पेपर लीक के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत का हाल जाना. सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे. उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर मंगलवार शाम उन्हें मेदांता अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया. वे एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचे और ICU में भर्ती हैं. डॉक्टर सुषिला कटारिया उनकी देखभाल कर रही हैं.
Union Minister JP Nadda and MoS Jitendra Singh met Activist Sonam Wangchuk at Medanta hospital around 9 PM on Tuesday: Sources pic.twitter.com/n0OWldeSb8
— IANS (@ians_india) July 21, 2026Also Read
जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन 32वें दिन भी जारी है. सोमवार को हुई हिंसक झड़प के बाद भी हजारों छात्र और समर्थक फिर से जंतर-मंतर पहुंच गए. CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि अब सरकार से बातचीत जंतर-मंतर पर ही होगी. CJP की मांगों की बात करें तो प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें. साथ ही NEET घोटाले में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए.
NEET पेपर लीक का मुद्दा अब सड़क से संसद तक पहुंच गया है. विपक्ष सरकार पर हमलावर है और विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा है. सरकार का कहना है कि वह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक रंग दे रहा है. सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और CJP का आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को मजबूती दे रहा है. दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.ॉ