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India Daily

Mumbai Rain: कब मिलेगी मुंबई को आफत की बारिश से राहत? IMD ने इन इलाकों में जारी किया येलो अलर्ट, पढ़ें पूरी वेदर अपडेट

IMD का अनुमान है कि कोंकण के ज्यादातर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. मुंबई और उसके उपनगरों में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है.

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Edited By: Princy Sharma
Mumbai Rain: कब मिलेगी मुंबई को आफत की बारिश से राहत? IMD ने इन इलाकों में जारी किया येलो अलर्ट, पढ़ें पूरी वेदर अपडेट
Courtesy: Pinterest

Mumbai Rain: मुंबई में लगातार हो रही बारिश ने शहर की रफ्तार धीमी कर दी है. IMD ने आज गुरुवार को मुंबई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. भारी बारिश के कारण शहर में पानी भर गया था और सड़क, रेल और हवाई यातायात बाधित हुआ था. यह चेतावनी इस हफ्ते की शुरुआत में शहर में और भी गंभीर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी होने के बाद आई है.

IMD का अनुमान है कि कोंकण के ज्यादातर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. मुंबई और उसके उपनगरों (suburbs) में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. अधिकतम तापमान  28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान  24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.

इन इलाकों में येलो अलर्ट जारी

दक्षिण मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों और उत्तर मध्य महाराष्ट्र के कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश का अनुमान है, जबकि मराठवाड़ा में हल्की बारिश हो सकती है. पुणे, ठाणे, अहमदनगर, सोलापुर, सतारा, जालना और नागपुर के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बुलढाणा, अकोला और गोंदिया के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है.

क्या मुंबई को बारिश से राहत मिलेगी?

IMD ने बताया कि बारिश जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन 22 अगस्त से मौसम की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने की संभावना है. 26 अगस्त तक बादल छाए रहने के बीच मध्यम बारिश जारी रह सकती है. 

लगातार छठे दिन, 20 अगस्त को, महाराष्ट्र में भारी बारिश हुई, जिससे मुंबई सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ. शहर के कई हिस्सों में जलभराव के कारण यातायात बाधित रहा, जिससे उपनगरीय ट्रेन सेवाओं को रद्द करना पड़ा. इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइनों ने भी यात्रियों को संभावित उड़ान देरी और व्यवधान के बारे में आगाह किया है.

निकासी और राहत उपाय
लगातार हो रही बारिश के कारण मुंबई उपनगरीय, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, पुणे, सतारा, सांगली और नांदेड़ सहित नौ जिलों से 4,600 से ज्यादा लोगों को निकालना पड़ा है.