मार्च का महीना आमतौर पर ठंडी हवाओं और हल्की धूप का साथी होता है, लेकिन 2026 में यह अलग कहानी सुना रहा है. पूरे देश में मौसम ने दो विरोधी चेहरे दिखाए हैं- एक तरफ पश्चिमी राज्यों में सूरज की तपिश से लोग बेहाल हैं, तो दूसरी तरफ पूर्वी इलाकों में बादलों की बौछारें सब कुछ भिगो रही हैं. IMD ने हीटवेव और भारी बारिश के लिए अलर्ट जारी किए हैं. यह मौसमी उथल-पुथल किसानों की फसलों से लेकर दैनिक जीवन तक सबको प्रभावित कर रही है, और आने वाले दिनों में बदलाव की संभावना है.
उत्तर प्रदेश में आज दिन का अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री रहेगा, और आसमान बिलकुल साफ दिखाई देगा. दिल्ली में सुबह 18 डिग्री का न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ, जो सामान्य से ज्यादा है, और दिन में 36 डिग्री तक पहुंच सकता है. हवा की गुणवत्ता भी गिर गई है. अगले दो दिन सूखी गर्मी बनी रहेगी, लेकिन 15 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ के कारण गरज के साथ हल्की वर्षा हो सकती है, जो थोड़ी राहत देगी.
गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ इलाकों में आज भीषण हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट लागू है. तापमान 42 डिग्री से पार हो गया है, जो सामान्य से पांच डिग्री ऊपर है. रातें भी गर्म बनी हुई हैं, जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है. मध्य प्रदेश के रतलाम, धार और नर्मदापुरम में लू का प्रकोप जारी है. अधिकारियों ने दोपहर में बाहर न निकलने और पानी पीते रहने की हिदायत दी है, खासतौर पर बच्चों और वृद्धों के लिए.
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में आज भारी से अतिभारी वर्षा की आशंका है. पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बादल जमकर बरस रहे हैं, और कई जगहों पर ओलावृष्टि से तापमान गिर गया है. IMD ने पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानों में बाढ़ की चेतावनी जारी की है. यात्रियों को सड़क स्थिति जांचने की सलाह दी गई है. शिलांग जैसे शहरों में ओलों ने अचानक ठंडक ला दी है.
तमिलनाडु और चेन्नई में बंगाल की खाड़ी से बने चक्रवाती सिस्टम के चलते हल्की बूंदाबांदी और तेज उमस है. बादल धूप को रोक रहे हैं, लेकिन नमी से लोग परेशान हैं. तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी की उम्मीद है. किसानों के लिए मुसीबत है- उत्तर-मध्य भारत में गर्मी से गेहूं-चना की फसलें प्रभावित हो रही हैं, जबकि पूर्वोत्तर में वर्षा से आलू-मटर खराब हो सकती है. विशेषज्ञ सुबह-शाम पानी देने और जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दे रहे हैं.