menu-icon
India Daily

होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारत के 20 तेल टैंकर, सुरक्षित निकालने के लिए भारत लगा रहा पूरा जोर

बताया जा रहा है कि इन भारतीय टैंकरों में एलपीजी, एलएनजी और कच्चा तेल भरा हुआ है. अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति बिगड़ने से ये जहाज वहीं रुक गए थे.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारत के 20 तेल टैंकर, सुरक्षित निकालने के लिए भारत लगा रहा पूरा जोर
Courtesy: @Amar365x

भारत सरकार इस समय ईरान के साथ बातचीत कर रही है ताकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारतीय तेल और गैस के टैंकर सुरक्षित निकल सकें. रिपोर्ट के मुताबिक 20 से अधिक भारतीय टैंकर इस अहम समुद्री रास्ते में रुके हुए हैं. यह बातचीत भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से की जा रही है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला एक बहुत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है. दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है लेकिन ईरान से जुड़े हालिया तनाव और सैन्य कार्रवाई के कारण यह मार्ग फिलहाल प्रभावित हो गया है.

 टैंकरों में एलपीजी, एलएनजी और कच्चा तेल

बताया जा रहा है कि इन भारतीय टैंकरों में एलपीजी, एलएनजी और कच्चा तेल भरा हुआ है. अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति बिगड़ने से ये जहाज वहीं रुक गए थे. सूत्रों के अनुसार भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच इस मुद्दे पर बातचीत हुई है. कहा जा रहा है कि बातचीत के बाद ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने पर सहमति जताई है. हालांकि विदेश मंत्रालय ने इस पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है.

सरकार ने कहा- ईंधन की कोई कमी नहीं

इस बीच संसद में ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ कहा कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है. उन्होंने बताया कि भारत ने पहले से ही कई देशों से कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है. पुरी के मुताबिक पहले भारत का करीब 45 प्रतिशत कच्चा तेल हॉर्मुज मार्ग से आता था, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए अब अन्य देशों से तेल आयात बढ़ा दिया गया है. उन्होंने बताया कि तेल रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कई जगह 100 प्रतिशत से भी ज्यादा उत्पादन हो रहा है.

पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सामान्य

ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार देशभर में पेट्रोल, डीजल, केरोसीन और एविएशन टर्बाइन फ्यूल की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है. पेट्रोल पंपों पर भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई चेन में किसी तरह की परेशानी नहीं है. सरकार का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त इंतजाम भी किए जाएंगे.