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14 साल की बच्ची ने अपनी कहानी में वायनाड हादसे की पहले कर दी थी भविष्यवाणी, बाबा वेंगा से हो रही तुलना

Wayanad Disaster: केरल के वायनाड में लैंडस्लाइड की वजह से मची तबाही की भविष्यवाणी ने एक 14 साल की बच्ची ने बहुत पहले ही अपनी कहानी में कर दी थी. हाल ही में उस कहानी को एक मैगजीन में जगह मिली थी, जिसकी विमोचन कुछ ही दिन पहले किया गया था. मैगजीन के विमोचन के कुछ दीन बाद ही वायनाड में लैंडस्लाइड की प्राकृतिक दुर्घटना घटी.

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14 साल की बच्ची ने अपनी कहानी में वायनाड हादसे की पहले कर दी थी भविष्यवाणी, बाबा वेंगा से हो रही तुलना
Courtesy: Social Media

Wayanad Disaster: केरल के वायनाड में कुदरत के कहर ने तबाही मचाई है. वायनाड में 29-30 जुलाई की रात वायनाड में लैंडस्लाइड की चार घटनाएं हुई. इस प्राकृतिक दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 300 के पार जा चुकी है. अभी भी लोगों के शवों को खोजा जा रहा है. तबाही के खौफनाक मंजर को देख आपकी रूह कांप जाएगी. सैकड़ों घायलों का इलाज चल रहा है. लैंडस्लाइड की वजह से बड़ी-बड़ी इमारतें जमींदोज हो चुकी हैं. वायनाड से हजारों दर्द भरी कहानी निकल कर सामने आ रही है. इन सबके बीच 14 साल की एक बच्ची चर्चा का विषय बनी हुई है. बच्ची की चर्चा उसकी कहानी की वजह से हो रही है. दरअसल, उसने अपनी स्कूल की मैगजीन के लिए एक कहानी लिखी थी. इस कहानी में केरल में तबाही के आने के संकेत दिए थे.

बच्ची की कहानी में छिपी केरल में तबाही की भविष्यवाणी सच होने के बाद कुछ लोग उसकी तुलना बाबा वेंगा से कर रहे हैं. बाबा वेंगा की कई भविष्यवाणियां सच साबित हुई है. इसीलिए बच्ची की तुलना उनसे की जा रही है. राज्य सरकार की केरल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (KITE) परियोजना द्वारा लिटिल KITEs पहल के हिस्से के रूप में स्कूल में ‘वेल्लारम कल्लुकल’ नामक पत्रिका का विमोचन किया गया.

14 साल की बच्ची ने कहानी में की थी केरल में तबाही की भविष्यवाणी

पिछले वर्ष अपनी स्कूल पत्रिका में कक्षा 8 की 14 साल की छात्रा लाया ने एक लड़की के बारे में कहानी लिखी थी जो झरने में डूब जाती है, लेकिन एक पक्षी के रूप में वापस आती है और अपने गांव वालों को जलाशय के बहुत करीब जाने के खतरों के बारे में चेतावनी देती है. 

चूरलमाला के वेल्लरमाला में सरकारी व्यावसायिक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के लिए लिखी गई है. बच्ची की कहानी डिजिटल मैगजीन में छपी है. लय की लघुकथा में पक्षी गांव वालों से कहती है- "बच्चों गांव से भाग जाओ. इस गांव में खतरा आने वाला है." 

अग्रहतिंते दुरानुभवम’ (इच्छा की त्रासदी) नामक कहानी दो लड़कियों आलमक्रुथा और अनास्वरा के बारे में है जो स्कूल के बाद अपने गांव में नदी के किनारे एक छोटी सैर की योजना बनाती हैं. नदी के किनारे चलते हुए, वे झरने वाले क्षेत्र में पहुँचती हैं. यहां पर वह डूब जाती है.

लया की कहानी में चिड़िया के बोलने के बाद बच्चे भाग जाते हैं. लेकिन कहानी में बच्चे को पहाड़ी से नीचे बहता हुआ बारिश का पानी दिखाई देता है. और वे देखते हैं कि पक्षी एक खूबसूरत लड़की में बदल गई है.

कहानी लिखने वाली बच्ची के पिता की भी मौत

29 और 30 जुलाई के रात हुए भूस्खलन की वजह से आज वायनाड का  चूरलमाला तबाह हो गया है. सैकड़ों लोगों की जान चली गई है. कहानी लिखने वाली लया के पिता भी इस प्राकृतिक हादसे में अपनी जान गंवा बैठे हैं. इतना ही नहीं लया के स्कूल में पढ़ने वाले 32 छात्र भी इस हादसे का शिकार हो गए हैं.

चूरामाल के जिस स्कूल में लया पढती है वह भी क्षतिग्रस्त हो गया है. गांव में स्कूल के प्रधानाध्यापक वी. उन्नीकृष्णन और उनके शिक्षण स्टाफ के सहकर्मियों ने कहा कि वे बाल-बाल बच गए. लैंडस्लाइड की वजह से मची तबाही में अभी भी सैकड़ों लोग गायब हैं. कई छात्र भी इस प्राकृतिक आपदा में गायब हो गए हैं.