Ajit Pawar on Disguised Delhi Visits: महाराष्ट्र में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनावों का आयोजन होना है जिससे पहले राज्य की सियासत में लगातार कुछ न कुछ हलचल देखने को मिल रही है. मौजूदा विवाद प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को लेकर है जिन पर आरोप लगाया जा रहा है कि वो दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से साथ सीक्रेट मीटिंग करने के लिए भेष बदलकर जाते हैं.
अजित पवार ने शुक्रवार को इन आरोपों पर कहा कि अगर उन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए भेष बदलकर नई दिल्ली जाने का आरोप सही साबित होता है तो वह राजनीति से इस्तीफा दे देंगे. उन्होंने विपक्षी नेताओं को चुनौती दी कि अगर उनके आरोप झूठे साबित होते हैं तो वे राजनीति छोड़ दें.
उन्होंने दावा किया कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. मीडिया के एक हिस्से में प्रसारित रिपोर्टों में बताया गया था कि पवार ने हाल ही में एक अनौपचारिक बातचीत के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में अमित शाह के साथ उनकी पार्टियों के बीच गठबंधन के संबंध में बैठक करने की बात स्वीकार की थी.
पवार ने कथित तौर पर कहा था, ' मैं उन बैठकों में भाग लेने के लिए दिल्ली जाने के दौरान हवाई यात्रा के दौरान मास्क और टोपी पहनता था. मैंने हवाई यात्रा के लिए अपना नाम भी बदल लिया था.'
इस बयान के कारण शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) के नेताओं ने पवार पर निशाना साधा. पवार ने नासिक में पत्रकारों को दिए अपने जवाब में जोर देकर कहा कि वह गुप्त राजनीति में शामिल नहीं होते हैं.
पवार ने कहा, 'मैं एक कार्यकर्ता हूं जो लोकतंत्र में काम करता है. मुझे कुछ भी छिपाकर राजनीति करने की आदत नहीं है. हालांकि, हमें विरोधियों द्वारा फर्जी बयानों और झूठी खबरों के साथ बदनाम किया गया है.'
संसद की तरफ से हो जांच, सच नहीं हुआ तो आरोप लगाने वाले छोड़ें राजनीति
पवार ने कहा कि सरकार द्वारा लागू की जा रही सफल योजनाओं के कारण उनके विरोधी उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने मांग की कि रिपोर्टों की प्रामाणिकता संसद द्वारा सत्यापित की जाए और गलत साबित होने पर इस्तीफा देने की अपनी इच्छा दोहराई.
पवार ने कहा, ' मेरे भेष बदलकर दिल्ली जाने की खबर झूठी है. अगर मैं कहीं जाना चाहता हूं तो खुलेआम जाऊंगा. मुझे किसी से डरने की जरूरत नहीं है. अगर भेष बदलने की खबरें साबित होती हैं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा. लेकिन अगर रिपोर्ट गलत पाई जाती है तो बिना किसी सबूत या तथ्य के आरोप लगाने वालों को राजनीति छोड़ देनी चाहिए.'
हालांकि कथित घटनाओं के दौरान वे महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में कार्यरत थे, लेकिन पवार ने तर्क दिया कि इस तरह का भेष बदलना असंभव होगा. पवार ने अपनी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के प्रयासों की ओर भी इशारा किया और कुछ विपक्षी नेताओं पर कटाक्ष किया. उन्होंने राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया और जोर देकर कहा कि ये अच्छी तरह से सोची-समझी और स्थायी रूप से तैयार की गई हैं.
पवार ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत का हवाला देते हुए कहा, 'इस समय राज्य में मुझे बदनाम करने की कोशिशें चल रही हैं. बातूनी लोगों की संख्या बढ़ गई है. सुबह का सायरन किसी के बारे में कुछ भी कह देता है. जब यह घटना हुई, तब मैं महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष का नेता था. हर कोई मुझे पहचानता है और इसलिए ऐसी घटना असंभव है. वर्तमान में जो कुछ भी चल रहा है वह गलत है. इन रिपोर्टों का कोई आधार या सबूत नहीं है. लोगों को हम पर विश्वास करना चाहिए. मैं अपने वादे पूरे करता हूं. आप अपना आशीर्वाद दें, ये योजनाएं जारी रहेंगी.'