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India Daily

जन्म से पहले ही पास कर ली 10वीं, नंदीग्राम उम्मीदवार के हलफनामे पर फंसी बीजेपी, कांग्रेस ने की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग

नंदीग्राम उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के चुनावी हलफनामे पर विवाद छिड़ गया है. कांग्रेस का आरोप है कि प्रत्याशी ने जन्म से पहले ही 10वीं पास करने की गलत जानकारी दर्ज की है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
जन्म से पहले ही पास कर ली 10वीं, नंदीग्राम उम्मीदवार के हलफनामे पर फंसी बीजेपी, कांग्रेस ने की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग
Courtesy: @JournoShabana

पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव से पहले नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशी हसीरानी रथ के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा प्रत्याशी ने अपने चुनावी हलफनामे में उम्र और शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी पूरी तरह गलत और भ्रामक जानकारी दी है.

जन्म से पहले 10वीं पास का अनोखा दावा

कोर्ट में कांग्रेस की ओर से कहा गया कि हसीरानी रथ ने हलफनामे में अपना जन्म वर्ष 1966 दर्ज किया है, जबकि 10वीं (माध्यमिक) पास करने का साल 1965 बताया है. कांग्रेस ने सवाल उठाया कि कोई प्रत्याशी अपने जन्म से एक साल पहले 10वीं की परीक्षा कैसे पास कर सकता है. इसके अलावा, जिस स्कूल से पढ़ाई का जिक्र है, उस समय वह केवल 5वीं तक ही मान्यता प्राप्त था.

भाजपा ने बताया टाइपिंग की गलती

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. पार्टी और प्रत्याशी के कार्यालय का कहना है कि यह केवल एक क्लर्क की टाइपिंग की गलती है. भाजपा के अनुसार हसीरानी का जन्म 1965 में हुआ था और उन्होंने 1980 में अपनी 10वीं की परीक्षा पास की थी. पार्टी का दावा है कि उनकी उम्र या योग्यता में कोई कानूनी खामी नहीं है.

कानूनी प्रक्रिया और आगे के विकल्प

इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है. यदि कोर्ट इस याचिका पर संज्ञान लेता है, तो मूल दस्तावेजों जैसे जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है. इसके साथ ही चुनाव आयोग से भी जवाब मांगा जा सकता है कि हलफनामे की जांच के दौरान यह विसंगति कैसे छूट गई.

नंदीग्राम का नाटकीय घटनाक्रम

नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है. इससे पहले टीएमसी प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने अपना नाम वापस ले लिया था, जिसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की थी. हालांकि, समर्थन मिलने के कुछ ही घंटों बाद कांग्रेस उम्मीदवार को 2007 के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.