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वेज नहीं नॉनवेज खाने वालों के लंबी उम्र तक पहुंचने के चांस ज्यादा? सामने आई नई स्टडी ने छेड़ी बहस!

चीन में 80 साल से ऊपर के बुजुर्गों पर हुई रिसर्च में पाया गया कि पूरी तरह वीगन डाइट फॉलो करने वालों के 100 साल की उम्र तक पहुंचने के चांस नॉनवेज खाने वालों के मुकाबले कम हो सकते हैं. अन्य संस्थानों की टीम ने चाइनीज लॉन्गिट्यूडिनल हेल्दी लॉन्जेविटी सर्वे के आंकड़ों का विश्लेषण किया.

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Edited By: Antima Pal
वेज नहीं नॉनवेज खाने वालों के लंबी उम्र तक पहुंचने के चांस ज्यादा? सामने आई नई स्टडी ने छेड़ी बहस!
Courtesy: Pinterest

वेज और नॉनवेज की बहस हर घर में होती है. कुछ कहते हैं शाकाहार लंबी उम्र का राज है, तो कुछ मानते हैं मांसाहार में बेहतर प्रोटीन मिलता है. हाल की एक स्टडी ने इस चर्चा को फिर से गर्म कर दिया है.

सामने आई नई स्टडी ने छेड़ी बहस! 

चीन में 80 साल से ऊपर के बुजुर्गों पर हुई रिसर्च में पाया गया कि पूरी तरह वीगन डाइट फॉलो करने वालों के 100 साल की उम्र तक पहुंचने के चांस नॉनवेज खाने वालों के मुकाबले कम हो सकते हैं. अन्य संस्थानों की टीम ने चाइनीज लॉन्गिट्यूडिनल हेल्दी लॉन्जेविटी सर्वे के आंकड़ों का विश्लेषण किया. इसमें 5203 लोगों को शामिल किया गया, जो 1998 में 80 साल या उससे ज्यादा उम्र के थे. 2018 तक फॉलो-अप में देखा गया कि शाकाहारी लोगों में सेंटेनरियन बनने की संभावना लगभग 19 प्रतिशत कम थी. वीगन में यह कमी करीब 29 प्रतिशत तक पहुंच गई.

महत्वपूर्ण बात यह है कि यह अंतर खासकर कम वजन वाले (BMI 18.5 से कम) बुजुर्गों में ज्यादा दिखी. सामान्य या ज्यादा वजन वालों में फर्क साफ नहीं था. मछली या अंडा-दूध वाली पेस्को या ओवो-लैक्टो वेजिटेरियन डाइट वालों की उम्र नॉनवेज वाले लोगों से बहुत अलग नहीं पाई गई.

कई रिसर्च में शाकाहारी डाइट के फायदे भी साबित

शाकाहारी डाइट के फायदे भी कई रिसर्च में साबित हैं. इसमें फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और कम सैचुरेटेड फैट होने से दिल की बीमारी, टाइप 2 डायबिटीज और कुछ कैंसर का खतरा कम होता है. वजन भी आमतौर पर नियंत्रण में रहता है. लेकिन बुढ़ापे में शरीर को अच्छी क्वालिटी का प्रोटीन, विटामिन B12 और अन्य पोषक तत्वों की ज्यादा जरूरत पड़ती है. सिर्फ प्लांट बेस्ड डाइट से ये कभी-कभी पूरी तरह नहीं मिल पाते, खासकर अगर पाचन कमजोर हो या वजन कम हो.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पूरी तरह वेज या पूरी तरह नॉनवेज की बजाय बैलेंस्ड डाइट बेहतर है. नॉनवेज खाने वालों को कम फैट वाला मीट चुनना चाहिए और सब्जियां-फल भी खूब शामिल करने चाहिए. शाकाहारियों को प्रोटीन के अच्छे स्रोत जैसे दालें, सोया, नट्स और जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट लेना चाहिए.

हर व्यक्ति की जरूरत उम्र, स्वास्थ्य और गतिविधि के हिसाब से अलग होती है. इसलिए कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह जरूर लें. लंबी और स्वस्थ जिंदगी के लिए सिर्फ खाना ही नहीं, सक्रिय रहना, अच्छी नींद और तनाव कम रखना भी जरूरी है. यह स्टडी सिर्फ एक आयु वर्ग और एक देश पर आधारित है और रिसर्च से पूरी तस्वीर और साफ होगी. तब तक संतुलित खान-पान ही सबसे अच्छा रास्ता लगता है.