आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब खानपान के कारण लोगों में एनीमिया का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. आयरन शरीर के लिए बेहद जरूरी मिनरल है, जो हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है. हीमोग्लोबिन खून के जरिए ऑक्सीजन को शरीर के हर हिस्से तक पहुंचाता है. जब शरीर में आयरन की कमी हो जाती है तो ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो जाती है और लगातार थकान बनी रहती है.
अगर बिना ज्यादा काम किए भी आप थका हुआ महसूस करते हैं और आराम से भी राहत नहीं मिलती, तो यह सबसे पहला संकेत है.
चेहरे या शरीर का रंग फीका पड़ना हीमोग्लोबिन की कमी का संकेत हो सकता है.
थोड़ा सा चलने या सीढ़ी चढ़ने पर सांस फूलना शरीर में ऑक्सीजन की कमी दर्शाता है.
आयरन की कमी से दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे धड़कन तेज हो जाती है.
दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन न पहुंचने से चक्कर आना और सिरदर्द रहना आम हो जाता है.
आयरन की कमी बालों की जड़ों को कमजोर कर देती है, जिससे हेयर फॉल बढ़ जाता है.
नाखून पतले और कमजोर हो जाते हैं और आसानी से टूटने लगते हैं.
खासकर हाथ और पैर ठंडे महसूस होना ब्लड सर्कुलेशन के प्रभावित होने का संकेत है.
जीभ में जलन, सूजन या दर्द भी आयरन की कमी का लक्षण हो सकता है.
फोकस और कंसंट्रेशन कमजोर होना भी इस समस्या का असर हो सकता है.
इस समस्या से बचने के लिए सही खानपान बेहद जरूरी है. रोजाना आयरन से भरपूर चीजें खाने से शरीर को ताकत मिलती है. हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक जरूर खाएं. गुड़, दालें और बीन्स भी आयरन के अच्छे स्रोत हैं. इसके अलावा सेब, खजूर और अनार जैसे फल भी फायदेमंद होते हैं. साथ ही विटामिन सी वाले फूड जैसे नींबू और संतरा खाने से आयरन का अवशोषण बेहतर होता है.
अगर ऊपर बताए गए कई लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. सही जांच और इलाज से इस समस्या को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है. समय पर ध्यान देने से आप न सिर्फ थकान से राहत पा सकते हैं, बल्कि गंभीर बीमारियों से भी खुद को बचा सकते हैं.