menu-icon
India Daily

खाते-पीते और सोते हुए लोगों को क्यों आ रहा हार्ट अटैक? AIIMS ने सडन डेथ पर की स्टडी

पिछले कुछ सालों में सडन डेथ के मामलो में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने ऐसे मामलों पर एक साल तक खास स्टडी की है और इसके पीछे का कारण बताया है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
खाते-पीते और सोते हुए लोगों को क्यों आ रहा हार्ट अटैक? AIIMS ने सडन डेथ पर की स्टडी
Courtesy: Pinterest

सोशल मीडिया पर पिछले कुछ समय से ऐसे कई वीडियो और फुटेज सामने आ रहे थे, जिसमें लोगों की खेलत, नाचते यहां तक की बैठे-बैठे मौत हो जा रही थी. ऐस कई सीसीटीवी वीडियो देखे गए, जिसमें लोग खुशी मना रहे और खत्म हो गए. कुछ लोगों ने इसे कोविड वैक्सीन से जोड़ा. उनका कहना था कि ऐसा वैक्सीन के रिएक्शन से हो रहा है. 

इस तरह के सडन डेथ पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्टडी सामने आई है. AIIMS ने 'सडन डेथ' (अचानक मौत) ऐसे मामलों को जिनमें मरने वाले व्यक्ति को पहले से किसी तरह की समस्या ना हो. मरने वाले व्यक्ति मरने से एक दिन पहले थे बिल्कुल सही था और अचानक खत्म हो गया. 

मरने वालों महिलाएं और पुरुषों में कितना अंतर?

AIIMS ने एक साल में दो हजार से भी ज्यादा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर स्ट़डी किया. जिसमें अलग-अलग लिंग और आयु के लोगों का रिपोर्ट मौजूद था. जांच में 8.1 फीसदी लोगों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सडन डेथ का मामला था. इनमें से 57 फिसदी से ज्यादा लोगों की उम्र 18 से 45 के बीच थी. वहीं कुछ फीसदी लोगों की उम्र 46 से 65 फीसदी के बीच थी. स्टडी किए गए रिपोर्ट में सडन डेथ के मामलों में पुरुषों और महिलाओं के बीच बड़ा अंतर पाया गया. पुरुष महिला का अनुपात 4.5:1 का रहा. मरने वाले कम आयु वालों में 77 पुरुष थे तो 17 महिलाएं थी. वहीं अधिक उम्र वालों के बीच यह अनुपात 64:4 का देखा गया. स्ट़डी किए गए मामलों में एक और पाया गया कि अचानक हुई मौत के मामलों में लोग धोखे से परेशान थे. वहीं कुछ लोगों में हृदय संबंधित परेशानी भी थी.

स्टडी में हुए कई खुलासे 

एक साल तक किए गए स्टडी में यह पाया गया कि बड़ी संख्या में लोग फेफड़ों या सांस की समस्या से जूझ रहे थे. 57 फीसदी से ज्यादा लोग धूम्रपान के आदी थे वहीं 52 प्रतिशत लोग कभी-कभी नशे का सेवन करते थे. हालांकि सर्दी के मौसम में सडन डेथ के मामले थोड़े अधिक थे. लेकिन बसंत और गर्मी में भी कई मौतें देखी गई है. ऐसे मामलों में मौत से पहले लोगों को अचानक बेहोशी , सीने में दर्द, सांस लेने तकलीफ, हाई बीपी और शुगर की समस्या देखी गई है. इस रिपोर्ट ने लोगों को चिंता में डाल दिया है. ऐसे में लोगों को अपने स्वास्थ्य और खान-पान के बारे अधिक सतर्क रहने की सलाह देता है.