ना टिकट, ना किराया… 75 साल से मुफ्त चल रही है भारत की ये ट्रेन
Kuldeep Sharma
04 Jan 2026
न टिकट, न टीटीई- बिना टिकट की यात्रा
इस ट्रेन में न टिकट काउंटर है और न ही टिकट जांच की कोई व्यवस्था की गई है.
आजादी के बाद 1948 से जारी है सेवा
यह मुफ्त ट्रेन सेवा भारत को मिली आजादी के बाद साल 1948 में शुरू की गई थी.
भाखड़ा-नांगल बांध से जुड़ा है इतिहास
इस रेलवे लाइन का निर्माण भाखड़ा-नांगल बांध के निर्माण के लिए किया गया था.
मजदूरों की जीवनरेखा, कामगारों के लिए सहारा
श्रमिकों, इंजीनियरों और मशीनों को बांध स्थल तक पहुंचाने में यह ट्रेन अहम भूमिका निभाती रही है.
काम पूरा, सेवा जारी- निर्माण के बाद भी चालू है सफर
बांध बन जाने के बाद भी इस ट्रेन को बंद नहीं किया गया. आज भी इस ट्रेन का सफर लगातार जारी है
सोच-समझकर लिया गया फ्री रखने का फैसला
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने इसे हमेशा मुफ्त रखने का निर्णय लिया. यह सोज समझकर लिया गया फैसला था.
आम लोगों के लिए वरदान, रोजमर्रा की सुविधा
स्थानीय लोग आज भी इस ट्रेन से बिना खर्च के यात्रा करते हैं. ये लोगों के लिए रोजमर्रा की सुविधा है.
भारत की अनोखी पहचान, दुनिया में मिसाल
यह ट्रेन भारत की सबसे अनोखी और दुर्लभ रेल सेवाओं में गिनी जाती है. यह दुनिया के लिए एक मिसाल है.