मुंबई: बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में हैं. उनकी आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स में बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को शामिल किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर तरह तरह के रिएक्शन सामने आ रहे हैं और कुछ नेताओं ने सार्वजनिक मंचों से शाहरुख खान की आलोचना की और साथ ही शाहरुक खान को 'जिहादी सुवर' भी कहा.
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर शाहरुख खान पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं. वीडियो में वह लोगों से कहते दिख रहे हैं कि, 'हालात अच्छे नहीं हैं, ध्यान रखना. एक शाहरुख खान नाम का राक्षस है, उसकी फिल्म मत देखना. कभी फिल्म मत देखना शाहरुख खान की फिल्म, बता रहे हैं आपको. क्का जिहादी सुवर है, उसकी फिल्म मत देखना; प्रतिज्ञा करना.'
वीडियो में विधायक ने यह भी कहा कि भारत में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है, फिर भी विदेशी खिलाड़ी को टीम में क्यों शामिल किया गया. उन्होंने टीम मालिक पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इस फैसले से देश में नाराजगी है. हालांकि, आईपीएल फ्रेंचाइजी के स्तर पर खिलाड़ी चयन क्रिकेटिंग जरूरतों और टूर्नामेंट नियमों के अनुसार किया जाता है, जिसमें अलग अलग देशों के खिलाड़ियों को मौका मिलता है.
वायरल बयान के बाद बहिष्कार की मांग भी सामने आई. विधायक ने दावा किया कि शाहरुख खान की वजह से देश में हंगामा मचा हुआ है और उनके बहिष्कार की जरूरत है. इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कई लोगों ने असहमति जताई तो कुछ ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़कर देखा.
इस मुद्दे पर स्वामी रामभद्राचार्य ने भी अपनी राय रखी. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि शाहरुख खान को आदर्श नहीं माना जाना चाहिए और बहिष्कार किया जाना चाहिए. उनके बयान के बाद यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया. समर्थक और विरोधी दोनों पक्षों में बहस तेज हो गई है.