मुंबई: रणवीर सिंह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. 'धुरंधर' की ब्लॉकबस्टर सफलता के बीच अब उनके खिलाफ बेंगलुरु में पुलिस में FIR दर्ज कराई गई है. आरोप है कि उन्होंने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है. यह मामला गोवा में हुए इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) से जुड़ा है.
घटना 28 नवंबर 2025 को IFFI गोवा के क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान हुई. रणवीर सिंह ने स्टेज पर ऋषभ शेट्टी की फिल्म 'कांतारा: चैप्टर 1 - ए लेजेंड' के एक आइकॉनिक सीक्वेंस की नकल की. यह सीक्वेंस चाउंडी (चामुंडी) दैव की प्रोसेसन से जुड़ा है, जो कर्नाटक के तटीय इलाकों में पूजी जाने वाली देवी चावुंडी का पवित्र रिचुअल है. दैव परंपरा (भूत कोला) में यह काफी पवित्र माना जाता है.
रणवीर ने पंजुर्ली, गुलिगा और चावुंडी जैसे दैवों के एक्सप्रेशंस की नकल की, जिसे कई लोगों ने मजाक उड़ाना और अपमानजनक बताया. बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में 28 जनवरी 2026 को वकील प्रशांत मेथल (46) ने शिकायत दर्ज कराई. FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (शत्रुता बढ़ाना), 299 (धार्मिक भावनाएं आहत करना) और 302 (धार्मिक मान्यताओं का अपमान) के तहत दर्ज की गई है.
Karnataka | FIR registered against actor Ranveer Singh in Bengaluru under sections 196, 299, 302 of BNS.
FIR states, "On 28/11/2025, during the closing ceremony of the International Film Festival of India (IFFI) held in Goa, the accused Ranveer Singh, while present on stage and…
— ANI (@ANI) January 29, 2026
शिकायतकर्ता ने कहा कि रणवीर ने चावुंडी को 'फीमेल घोस्ट' कहा और दिव्य एक्सप्रेशंस को क्रूड तरीके से कारिकेचर किया, जिससे हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंची, खासकर तुलु भाषी समुदाय को. वीडियो 2 दिसंबर 2025 को इंस्टाग्राम पर 'Brief Chaat' अकाउंट से वायरल हुआ, जिसे देखकर शिकायतकर्ता ने एक्शन लिया. इससे पहले भी हिंदू जनजागृति समिति ने इसी मामले में शिकायत की थी.
रणवीर ने दिसंबर 2025 में सोशल मीडिया पर माफी मांगी थी. उन्होंने कहा था- 'मेरा इरादा ऋषभ शेट्टी के कमाल के परफॉर्मेंस को सेलिब्रेट करना था. एक्टर से एक्टर की नजर से मैं उनकी तारीफ कर रहा था.' फिलहाल पुलिस जांच कर रही है. मामला कोर्ट में भी पहुंच चुका है और सुनवाई अप्रैल 2026 में हो सकती है.
चावुंडी दैव तुलु नाडु (कर्नाटक के तटीय इलाकों जैसे उदुपी, दक्षिण कन्नड़) में भूत कोला परंपरा की एक शक्तिशाली गार्जियन स्पिरिट हैं. यह दैव दिव्य स्त्री ऊर्जा का प्रतीक हैं, जो न्याय, सुरक्षा और अन्याय का अंत करती हैं. भूत कोला में दैव अवतरण होते हैं, जहां वे लोगों के बीच उतरकर संतुलन बनाते हैं. चावुंडी को गुलिगा दैव की बहन माना जाता है. वे मुख्यधारा की हिंदू देवियों से अलग लोक परंपरा की हैं, लेकिन पूजनीय रक्षक हैं - न कि भूत.