मुंबई: भारतीय सिनेमा का जादू अब केवल देश तक सीमित नहीं रहा. हाल ही में रिलीज हुई रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 ने विदेशों में ऐसा असर छोड़ा है कि लोग घंटों तक फिल्म देखने के लिए तैयार हैं. हांगकांग में इस फिल्म के लिए जो क्रेज देखने को मिला है, वह अपने आप में एक मिसाल बन गया है. हांगकांग के एक थिएटर ने दर्शकों के उत्साह को देखते हुए एक खास इवेंट का आयोजन किया है, जिसे धुरंधर मैराथन नाम दिया गया है. इस इवेंट में आदित्य धर की दोनों फिल्मों को एक साथ बैक टू बैक दिखाया जा रहा है. कुल मिलाकर यह स्क्रीनिंग लगभग 8 घंटे लंबी है.
दर्शकों की सुविधा का ध्यान रखते हुए इस मैराथन में तीन ब्रेक भी रखे गए हैं, ताकि लोग आराम से इस लंबे अनुभव का आनंद ले सकें. यह कदम बताता है कि फिल्म के प्रति लोगों की दीवानगी किस स्तर तक पहुंच चुकी है.
धुरंधर 2 ने हांगकांग में जो उपलब्धि हासिल की है, वह और भी चौंकाने वाली है. यह फिल्म बिना चाइनीज सबटाइटल्स के ही 1 मिलियन डॉलर का आंकड़ा पार करने वाली पहली भारतीय फिल्म बन गई है. यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि आमतौर पर विदेशी दर्शकों के लिए सबटाइटल्स जरूरी माने जाते हैं. लेकिन धुरंधर 2 की कहानी, एक्शन और प्रस्तुति इतनी दमदार है कि भाषा की बाधा भी इसे रोक नहीं पाई. यह सफलता भारतीय फिल्मों के लिए एक बड़ा संकेत है कि अच्छी कहानी और मजबूत प्रस्तुति अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को आसानी से आकर्षित कर सकती है.
धुरंधर 2 की सफलता का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि हांगकांग में यह फिल्म केवल दो थिएटर में रिलीज हुई थी. इसके बावजूद फिल्म ने 2 मिलियन डॉलर के करीब कमाई कर ली है. यह आंकड़ा दिखाता है कि सीमित स्क्रीन होने के बावजूद फिल्म का क्रेज कितना ज्यादा है. दर्शक बार बार टिकट खरीदकर फिल्म देखने पहुंच रहे हैं, जिससे इसकी कमाई लगातार बढ़ रही है. अब जब फिल्म में चाइनीज सबटाइटल्स भी जोड़ दिए गए हैं, तो उम्मीद है कि इसका कलेक्शन और तेजी से बढ़ेगा.
धुरंधर 2 सिर्फ हांगकांग ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में शानदार प्रदर्शन कर रही है. अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे बाजारों में भी इस फिल्म ने रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है.ओवरसीज मार्केट में फिल्म 37 मिलियन डॉलर यानी करीब 350 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन कर चुकी है. यह आंकड़ा इसे अब तक की सबसे सफल भारतीय फिल्मों में शामिल करता है.
इस सफलता ने बाहुबली 2, पुष्पा 2 और जवान पठान जैसी फिल्मों को भी कड़ी टक्कर दी है. यह दिखाता है कि कंटेंट मजबूत हो तो फिल्म हर सीमा पार कर सकती है.