मुंबई: बॉलीवुड की ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अमृतसर में हैं और उन्होंने स्वर्ण मंदिर (श्री दरबार साहिब) पहुंचकर अपनी सादगी और भक्ति का बेहतरीन नमूना पेश किया है. मंगलवार को मंदिर में उनकी सेवा करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रियंका लंगर हॉल में अन्य महिलाओं के साथ जूठे बर्तन धोती नजर आ रही हैं.
वीडियो में प्रियंका सिर पर दुपट्टा ओढ़े, साधारण सूट में दिख रही हैं. उन्होंने माथा टेकने के बाद लंगर की सेवा में हाथ बंटाया. बर्तन साफ करते समय उनका चेहरा शांत और मुस्कुराता हुआ दिख रहा है. यह देखकर फैंस काफी भावुक हो गए और कमेंट्स में उनकी तारीफों के पुल बंध गए. कई लोगों ने लिखा कि हॉलीवुड की सफल अभिनेत्री होने के बावजूद प्रियंका अपनी जड़ों से जुड़ी हुई हैं.
प्रियंका अमृतसर कब और क्यों आईं, यह अभी साफ नहीं है. कुछ लोग कह रहे हैं कि यह फिल्म शूटिंग से जुड़ा हो सकता है, तो कुछ का मानना है कि यह सिर्फ परिवारिक या आध्यात्मिक विजिट है. कुछ दिनों पहले उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर पंजाबी खाने की तस्वीर शेयर की थी और कैप्शन दिया था – 'Just Amritsar things...' इससे लगता है कि वे पंजाबी संस्कृति का पूरा मजा ले रही हैं.
Actress Priyanka Chopra doing sewa at Sri Darbar Sahib (Golden Temple) Amritsar, Punjab. @priyankachopra pic.twitter.com/EftRV2MRNe
— Akashdeep Thind (@thind_akashdeep) March 31, 2026Also Read
सिख धर्म में 'सेवा' को बहुत महत्व दिया जाता है. यह बिना किसी भेदभाव के सबके लिए की जाने वाली निस्वार्थ सेवा है. प्रियंका ने इस परंपरा का सम्मान करते हुए खुद को आम श्रद्धालुओं की तरह शामिल किया. वीडियो में वे अन्य महिलाओं के साथ बैठकर बर्तन मांज रही हैं, जो उनकी विनम्रता को दर्शाता है. फैंस का कहना है कि प्रियंका ने एक बार फिर साबित कर दिया कि चाहे वे अमेरिका में रहें और हॉलीवुड में काम करें, लेकिन दिल से वे पूरी तरह 'देसी गर्ल' ही हैं.
प्रियंका चोपड़ा पहले भी कई बार अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े काम करती रही हैं. चाहे वह अपने गाने 'देसी गर्ल' हो या फिर विभिन्न मौकों पर भारतीय परंपराओं को अपनाना, वे हमेशा अपनी पहचान को याद रखती हैं. इस बार स्वर्ण मंदिर में उनकी सेवा ने उन्हें और भी करीब ला दिया है. यह वीडियो देखकर कई युवा भी प्रेरित हो रहे हैं कि सफलता के बाद भी अपनी संस्कृति और सेवा भाव को नहीं भूलना चाहिए.