मुंबई: रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2: द रिवेंज बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है. 19 मार्च को रिलीज हुई यह फिल्म महज पांच दिनों में ही 800 करोड़ क्लब में पहुंच चुकी है. लेकिन कमाई के साथ-साथ फिल्म पर एक नया विवाद भी शुरू हो गया है. कुछ लोग इसे 'प्रोपेगेंडा' बता रहे हैं और सरकार से जोड़कर देख रहे हैं. इस बहस पर अब फिल्मकार राम गोपाल वर्मा ने साफ-साफ जवाब दिया है.
एक इंटरव्यू में आरजीवी ने कहा कि प्रोपेगेंडा शब्द का इस संदर्भ में कोई मतलब नहीं है. हर किसी का अपना नजरिया होता है. अगर कोई एक तरफ की बात करता है तो दूसरी तरफ से भी जवाब आता है. आदित्य धर ने फिल्म के जरिए अपना व्यूपॉइंट शेयर किया है. अगर आपको यह पसंद नहीं आता तो आप इसे प्रोपेगेंडा या गलत कह सकते हैं, लेकिन सबसे अच्छा जवाब यह है कि अपनी फिल्म बना लो.
I have a WONDERFUL IDEA for all those in PAKISTAN who claim #Dhurandhar2 is a PROPAGANDA film full of lies , they can get their own Pakistani @AdityaDharFilms , and make #DhurandharTheTruth 💃🏼💃🏼💃🏼😎😎😎
— Ram Gopal Varma (@RGVzoomin) March 24, 2026
राम गोपाल वर्मा ने फिल्म की तारीफ करते हुए कहा- 'धुरंधर 2' को सिर्फ 'फिल्म' कहना ठीक नहीं लगता. पिछले 20-30 साल में शायद ही कोई ऐसी फिल्म आई हो. इसका स्केल, ट्विस्ट्स, स्ट्रक्चर और खासकर क्लाइमेक्स अद्भुत है. आइटम सॉन्ग्स भले ही अनरियलिस्टिक हों, ग्रेविटी को चुनौती देने वाले फाइट सीन हों, लेकिन आदित्य धर ने सब कुछ एक साथ पैक करके एक पूरा-पूरा मास्टरपीस बना दिया है.
रणवीर सिंह के परफॉर्मेंस की भी राम गोपाल वर्मा ने खूब प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि फिल्म सिर्फ एक्शन नहीं, बल्कि दर्शकों के मन पर असर छोड़ने वाली है. यह भारतीय सिनेमा के लिए एक नया बेंचमार्क साबित हो रही है. आरजीवी पहले भी कई बार धुरंधर 2 को 'रीसेट बटन' और 'नई सिनेमाई व्यवस्था' बता चुके हैं.
फिल्म में रणवीर सिंह के अलावा अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर. माधवन जैसे कलाकार भी हैं. निर्देशक आदित्य धर ने एक्शन, इमोशंस और देशभक्ति को मिलाकर एक ऐसा पैकेज तैयार किया है जो थिएटर में दर्शकों को बांधे रखता है. विवाद के बावजूद फिल्म का कमर्शियल सफर जारी है. ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर वीकडे में भी कलेक्शन मजबूत रहा तो यह 1000 करोड़ का आंकड़ा आसानी से पार कर लेगी.
राम गोपाल वर्मा का यह बयान साफ बताता है कि सिनेमा में अलग-अलग विचारों की जगह होनी चाहिए. अगर किसी की फिल्म से आप सहमत नहीं हैं तो बहस करने की बजाय बेहतर फिल्म बनाकर जवाब दीजिए. 'धुरंधर 2' अभी भी थिएटर्स में धांसू चल रही है.