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Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन पर इमोशनल हुई सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह, बोलीं- 'अपने दिल में तुम्हारी कलाई पर राखी बांध रही हूं...'

भाई-बहन के प्यार और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन हर साल की तरह इस बार भी धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस खास मौके पर सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने अपने भाई को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट शेयर किया. सुशांत, जो बॉलीवुड और टीवी जगत के बेहतरीन अभिनेता थे, साल 2020 में दुनिया को अलविदा कह गए थे.

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Edited By: Antima Pal
Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन पर इमोशनल हुई सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह, बोलीं- 'अपने दिल में तुम्हारी कलाई पर राखी बांध रही हूं...'
Courtesy: social media

Raksha Bandhan 2025: भाई-बहन के प्यार और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन हर साल की तरह इस बार भी धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस खास मौके पर सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने अपने भाई को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट शेयर किया. सुशांत, जो बॉलीवुड और टीवी जगत के बेहतरीन अभिनेता थे, साल 2020 में दुनिया को अलविदा कह गए थे. उनकी कमी आज भी उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के दिलों में महसूस होती है.

रक्षाबंधन पर इमोशनल हुई सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह

श्वेता ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक नोट लिखा, जिसमें उन्होंने सुशांत के साथ बिताए पलों को याद किया. उन्होंने कहा कि भाई को खोने का दुख इतना गहरा है कि इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है. श्वेता ने लिखा, "रक्षाबंधन का यह पर्व मेरे लिए हमेशा खास रहा, लेकिन अब यह सिर्फ यादों का हिस्सा है. तुम्हारी मुस्कान, तुम्हारी बातें, सब कुछ आज भी मेरे दिल में जिंदा है." 

सुशांत सिंह राजपूत ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से बॉलीवुड में एक खास मुकाम बनाया था. उनकी फिल्में जैसे 'काई पो चे', 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' और 'छिछोरे' आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं. श्वेता अक्सर अपने भाई की विरासत को जिंदा रखने के लिए उनके काम और सपनों को लोगों तक पहुंचाती रहती हैं. 

'क्या तुम्हारी हंसी बस एक आवाज बनकर रह जाएगी'

श्वेता सिंह कीर्ति ने सुशांत सिंह राजपूत के साथ का वीडियो शेयर करते हुए लिखा- 'कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे तुम कभी गए ही नहीं. कि तुम अब भी यहीं हो, बस पर्दे के उस पार, चुपचाप देख रहे हो. और फिर, अगले ही पल, दर्द जोर पकड़ता है. क्या मैं तुम्हें सचमुच फिर कभी नहीं देख पाऊंगी? क्या तुम्हारी हंसी बस एक आवाज बनकर रह जाएगी? तुम्हारी आवाज, एक धुंधली याद जिसे मैं समझ नहीं पा रही हूं?'