मुंबई: संजय कपूर की मौत के बाद उनकी संपत्ति को लेकर परिवार में शुरू हुआ विवाद अब और ज्यादा उलझता जा रहा है. इस पूरे मामले में अब एक बड़ा मोड़ तब आया जब उनकी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर ने उनकी मां रानी कपूर को RK फैमिली ट्रस्ट के ट्रस्टी पद से हटा दिया. यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब पहले से ही संजय कपूर की वसीयत और संपत्ति को लेकर कानूनी लड़ाई चल रही है. उनके बच्चों ने अपनी मां करिश्मा कपूर के साथ मिलकर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने आरोप लगाया कि वसीयत में गड़बड़ी की गई है. अब इस नए फैसले ने परिवार के भीतर चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है.
RK फैमिली ट्रस्ट की स्थापना साल 2017 में की गई थी. यह एक निजी और अपरिवर्तनीय ट्रस्ट था, जिसे खास तौर पर संजय कपूर के लाभ के लिए बनाया गया था. अपने जीवनकाल में संजय कपूर ही इसके एकमात्र लाभार्थी थे. लेकिन जून 2025 में उनकी मृत्यु के बाद ट्रस्ट से मिलने वाले सभी लाभ उनके बच्चों को मिल गए. इन बच्चों में अजारियास सूरी कपूर, समायरा कपूर और कियान कपूर शामिल हैं.
प्रिया कपूर द्वारा जारी किए गए नोटिस में कहा गया कि रानी कपूर के कुछ कदम ट्रस्ट के नियमों और कानून के खिलाफ थे. नोटिस के अनुसार जनवरी 2026 में पहले ही उन्हें एक चेतावनी नोटिस दिया गया था. इसके बावजूद उन्होंने ट्रस्ट की वैधता को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की.
इसमें उन्होंने ट्रस्ट की संपत्तियों से जुड़े फैसलों को लेकर राहत की मांग भी की थी. प्रिया कपूर का कहना है कि ये कदम न सिर्फ ट्रस्ट डीड के खिलाफ हैं बल्कि लाभार्थियों के हितों के भी विपरीत हैं.
नोटिस में ट्रस्ट डीड के क्लॉज 8.11 का हवाला देते हुए रानी कपूर को हटाने की बात कही गई है. इसके अनुसार 25 मार्च 2026 से रानी कपूर के पास ट्रस्ट से जुड़ा कोई अधिकार नहीं रहेगा. अब वे ट्रस्ट की संपत्ति, दस्तावेज या किसी भी फैसले में शामिल नहीं हो सकेंगी.
नोटिस में यह भी साफ किया गया है कि इस तारीख के बाद अगर उन्होंने ट्रस्ट के नाम पर कोई कदम उठाया तो उसे अमान्य माना जाएगा. साथ ही नियमों का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.