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India Daily

90 बार अपने रंग को लेकर झेला रिजेक्शन, फिर भी नहीं टूटी इस एक्ट्रेस की हिम्मत; ऐसे बनाया ग्लैमर की दुनिया में नाम

निम्रत कौर की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. बचपन में पिता को आतंकवादियों ने किडनैप कर हत्या कर दी. इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और संघर्ष करते हुए बॉलीवुड और ओटीटी में अपनी मजबूत पहचान बना ली.

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Edited By: Babli Rautela
90 बार अपने रंग को लेकर झेला रिजेक्शन, फिर भी नहीं टूटी इस एक्ट्रेस की हिम्मत; ऐसे बनाया ग्लैमर की दुनिया में नाम
Courtesy: Social Media

मुंबई: बॉलीवुड की चमकदार दुनिया में कई कलाकार ऐसे हैं जिन्होंने सफलता पाने से पहले लंबे संघर्ष का सामना किया है. बॉलीवुड एक्ट्रेस निम्रत कौर भी उन्हीं नामों में शामिल हैं. आज वह फिल्मों और ओटीटी पर अपने सधे हुए अभिनय के लिए जानी जाती हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका रास्ता बिल्कुल आसान नहीं रहा. उनकी जिंदगी में कई ऐसे पल आए जब हालात बेहद मुश्किल थे, फिर भी उन्होंने हार मानने के बजाय आगे बढ़ने का फैसला किया.

निम्रत कौर का जन्म 13 मार्च को राजस्थान के एक छोटे से गांव में हुआ था. उनका परिवार सेना से जुड़ा रहा है. उनके पिता मेजर भूपिंदर सिंह भारतीय सेना में अधिकारी थे. घर का माहौल अनुशासन और देश सेवा की भावना से भरा हुआ था. बचपन से ही निम्रत ने अपने पिता को देश के लिए काम करते देखा था और उसी माहौल में उनका पालन पोषण हुआ.

कम उम्र में सर से उठा पिता का साया

जिंदगी ने निम्रत कौर के सामने बहुत कम उम्र में ही एक बड़ा दुख खड़ा कर दिया. जब वह केवल 12 साल की थीं, तब कश्मीर में आतंकवादियों ने उनके पिता का अपहरण कर लिया. कुछ समय बाद उनकी हत्या कर दी गई. यह घटना पूरे परिवार के लिए बेहद दर्दनाक थी. पिता को खोने का गहरा असर निम्रत और उनके परिवार पर पड़ा.

इस हादसे के बाद परिवार ने नई जगह से जिंदगी शुरू करने का फैसला किया. वे नोएडा आकर बस गए. यहीं रहते हुए निम्रत ने अपनी पढ़ाई पूरी की और धीरे धीरे अपने सपनों को आकार देना शुरू किया.

कैसे हुई फिल्मों में आने की शुरूआत

निम्रत कौर को अभिनय की दुनिया हमेशा से आकर्षित करती थी. पढ़ाई खत्म होने के बाद उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए मुंबई जाने का निर्णय लिया. हालांकि फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाना आसान नहीं होता और उनके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. मुंबई पहुंचने के बाद उन्होंने सीधे फिल्मों में काम पाने की उम्मीद नहीं की. सबसे पहले उन्होंने थिएटर से शुरुआत की. कई नाटकों में काम करते हुए उन्होंने अभिनय को गहराई से समझा और अपने हुनर को निखारा. यह समय उनके लिए सीखने और खुद को तैयार करने का दौर था. मुंबई में अपने खर्च चलाने के लिए उन्होंने प्रिंट मॉडलिंग भी की. धीरे धीरे उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने की कोशिश जारी रखी.

लुक को लेकर सुननी पड़ी आलोचना

फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर कलाकारों का आंकलन उनके लुक से किया जाता है. निम्रत कौर को भी इस तरह की मुश्किलों से गुजरना पड़ा. कई बार उन्हें उनके रंग, कद और शरीर को लेकर ताने सुनने पड़े. कुछ लोगों ने यहां तक कह दिया कि वह फिल्मों के लिए सही नहीं हैं. लेकिन इन बातों ने उनके आत्मविश्वास को कमजोर नहीं किया. उन्होंने आलोचनाओं को नजरअंदाज किया और अपने काम पर ध्यान देती रहीं.