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India Daily

'केरला स्टोरी 2' को सीबीएफसी से मिला U/A सर्टिफिकेट, निर्माता ने विवाद को लेकर दी सफाई, बोले- हमारा मकसद...

फिल्म 'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से यूए सर्टिफिकेट मिला है. निर्माता विपुल अमृतलाल शाह का कहना है कि यह रेटिंग फिल्म को युवा लड़कियों और परिवारों तक पहुंचने में मदद करती है, भले ही 27 फरवरी को रिलीज से पहले इसकी आलोचना और राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ा हो.

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Edited By: Antima Pal
'केरला स्टोरी 2' को सीबीएफसी से मिला U/A सर्टिफिकेट, निर्माता ने विवाद को लेकर दी सफाई, बोले- हमारा मकसद...
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मुंबई: विवादों की आग में जल रही फिल्म 'द केरला स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' को एक बड़ी राहत मिली है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) ने फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट दे दिया है. इसका मतलब है कि 14 साल से ज्यादा उम्र के दर्शक पैरेंटल गाइडेंस के साथ इसे देख सकेंगे. संवेदनशील विषय होने के बावजूद 'ए' (एडल्ट्स ओनली) की बजाय यू/ए सर्टिफिकेट मिलना मेकर्स के लिए बड़ी जीत मानी जा रही है.

'केरला स्टोरी 2' को सीबीएफसी से मिला U/A सर्टिफिकेट

फिल्म 27 फरवरी 2026 को थिएटर्स में रिलीज़ होने वाली है. ट्रेलर रिलीज़ होने के बाद से फिल्म राजनीतिक और सोशल बहस का केंद्र बनी हुई है. केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने इसे 'झूठी प्रोपेगैंडा' और 'विषैली' बताया है, जबकि कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने भी आलोचना की है. कई लोग इसे सांप्रदायिक एजेंडा फैलाने वाली फिल्म मान रहे हैं. 

निर्माता ने विवाद को लेकर दी सफाई

इसी बीच सीबीएफसी का फैसला मेकर्स के लिए सकारात्मक कदम साबित हुआ है. प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह ने इस सर्टिफिकेट पर खुशी जताई है. उन्होंने कहा- "मैं सेंसर बोर्ड का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने हमारी फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट दिया. यह उनके भरोसे को दिखाता है कि हमने कहानी को ईमानदारी और सही इरादे से बताया है. यह फैसला खासतौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे हम देश भर की युवा लड़कियों और परिवारों तक पहुंच सकेंगे." 

विपुल ने आगे कहा कि फिल्म का मकसद किसी को आहत करना नहीं, बल्कि जागरूकता फैलाना है. फिल्म जबरन धर्मांतरण के रैकेट्स में फंसी लड़कियों की सच्ची घटनाओं पर आधारित है. मेकर्स का दावा है कि यह भारतीय कानूनी प्रणाली से जुड़ी वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है. पहली फिल्म की तरह यह भी लव जिहाद और जबरन कन्वर्जन जैसे मुद्दों को उठाती है, लेकिन इस बार कहानी केरल से आगे बढ़कर पूरे भारत में फैली घटनाओं को दिखाती है.

निर्माताओं ने अब एलान किया है कि फिल्म हिंदी के साथ-साथ तेलुगु और कन्नड़ भाषा में भी रिलीज़ होगी. इससे पैन-इंडिया रिलीज़ का दायरा और बढ़ जाएगा. डायरेक्टर कामाख्या नारायण सिंह ने फिल्म को संवेदनशील तरीके से बनाया है. ट्रेलर में दिखाए गए कुछ सीन जैसे जबरन बीफ खिलाने वाले दृश्य और 25 साल बाद भारत में शरिया लागू होने की चेतावनी ने विवाद को और बढ़ाया है. फिल्म को लेकर केरल हाई कोर्ट में भी याचिका दायर हुई है, जिसमें सर्टिफिकेट रद्द करने की मांग की गई है. लेकिन मेकर्स का कहना है कि वे तथ्यों पर आधारित कहानी बता रहे हैं और समाज में जागरूकता लाना उनका उद्देश्य है.