गुरुवार से माह-ए-रमजान के पाक महीने का आगाज हो चुका है. आज यानी गुरुवार को पहला रोजा रखा गया. इसलाम में इस महीने का बड़ा ही महत्व है. इस पवित्र माह में मुसलमान रोजा रखते हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं. रोजे की शुरुआत सुबह सेहरी के साथ होती है. माना जाता है कि जिसने सेहरी नहीं खाई वह रोजे के एक सवाब से महरूम रह गया. यहां हम आपको 20 जनवरी को होने वाली सेहरी का सही समय बताएंगे.
सेहरी वह भोजन है जो सूर्योदय से पहले किया जाता है. डॉक्टर सलाह देते हैं कि सेहरी में प्रोटीन, फाइबर और पानी प्रचूर मात्रा में होने चाहिए. सेहरी का भोजन आपको पूरे दिन ताकत देता है. सेहरी में ओट्स, दही, फल, सूखे मेवे आदि को शामिल किया जा सकता है.
वहीं इफ्तार सूर्योदय के बाद रोजा खोलने की प्रक्रिया है. परंपरा के अनुसार, सूखे मेवे और पानी के साथ रोजा खोला जाता है और इसके बाद नमाज और फिर मुख्य भोजन होता है.
20 फरवरी को सुबह 5.35 बजे सेहरी का समय है जबकि शाम 6.16 बजे इफ्तार का समय है. यहां बता दें कि सुन्नी और शिया दोनों के लिए सेहरी का समय अलग-अलग है.
रमजान केवल उपवास रखने का नाम नहीं है बल्कि यह आत्मसंयम, सब्र और आत्मचिंतन का महीना है. रमजान के दौरान मुसलमान दिन में पांच वक्त नमाज अदा करते के साथ-साथ कुरान कि तिलावत, दान और जरूरतमंदों की मदद पर विशेष ध्यान देते हैं.
रोजा सुबह फज्र की अजान के साथ शुरू होता है और सूर्यास्त तक चलता है. इस दौरान मुसलमान ना कुछ खाते हैं और न पीते हैं. इस दौरान सभी गलत काम और नकारात्मक सोच से दूरी बनाने की कोशिश की जाती है