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India Daily

'मैं एक मॉडरेट हिंदू थी, अब जागरूक बनना चाहती हूं...', कंगना रनौत के बयान से फिर मची खलबली

कंगना रनौत ने हाल ही में एक चौंकाने वाला बयान दिया है. इंस्टाग्राम पर अपनी पोस्ट में उन्होंने साफ कहा कि वे पहले मध्यमार्गी हिंदू थीं, लेकिन अब वे जागृत हिंदू बनना चाहती हैं.

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Edited By: Antima Pal
'मैं एक मॉडरेट हिंदू थी, अब जागरूक बनना चाहती हूं...', कंगना रनौत के बयान से फिर मची खलबली
Courtesy: X

Kangana Ranaut Video: बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने हाल ही में एक चौंकाने वाला बयान दिया है. इंस्टाग्राम पर अपनी पोस्ट में उन्होंने साफ कहा कि वे पहले मध्यमार्गी हिंदू थीं, लेकिन अब वे जागृत हिंदू बनना चाहती हैं. कंगना ने अपने आलोचकों का जवाब देते हुए बताया कि लोग उनसे पूछते हैं कि वे कब से संघी बन गईं. उन्होंने कहा कि वे संघी बनना चाहती हैं और भाजपा तथा आरएसएस की विचारधारा के अनुसार एक जागृत हिंदू के रूप में खुद को ढालना चाहती हैं. उन्होंने इसे एक तरह का 'कन्वर्ट' होना बताया.

कंगना रनौत के बयान से फिर मची खलबली

कंगना ने उद्योग की कुछ हिंदू बहनों पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि उन्होंने उनसे करीब से बातचीत की है और देखा है कि वे हिंदू तो हैं, लेकिन राजनीति या धर्म के मामले में उनकी कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं होती. युवावस्था में ज्यादातर लोग तटस्थ रहते हैं. लेकिन जब वे कुछ खास विचारधाराओं के संपर्क में आते हैं तो उनकी सोच बदल जाती है और वे वामपंथी हो जाते हैं. कंगना ने जोर दिया कि संविधान हर किसी को अपनी विचारधारा चुनने की आजादी देता है. उसी आजादी का हक हिंदू महिलाओं को भी मिलना चाहिए.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

अपने पुराने दिनों का जिक्र करते हुए कंगना ने कहा कि वे हर तरह की चीजें करती थीं, पार्टियां करती थीं. लेकिन आज वे एक स्पष्ट और अनुशासित हिंदू बनना चाहती हैं. उन्होंने पूछा कि उनके लिए यह रास्ता क्यों बंद होना चाहिए. उन्होंने कहा कि दोहरे मानदंड नहीं चलेंगे. हिंदू बेटियों को भी अपनी पसंद की विचारधारा अपनाने की पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए.

कंगना रनौत अपनी बेबाक बातों के लिए हमेशा चर्चा में रहती हैं. इस बार भी उनके बयान ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा छेड़ दी है. मनोरंजन जगत में राजनीति और धर्म पर खुली बातें करने वाली कंगना एक बार फिर अपनी नई सोच के साथ सुर्खियों में हैं. उनके अनुसार अब वे मध्यमार्ग छोड़कर एक जागृत और परिभाषित हिंदू जीवन अपनाना चाहती हैं.