मुंबई: बॉलीवुड के दिल छू लेने वाले गानों में 'जब वी मेट' का ये गाना आज भी हर किसी की प्लेलिस्ट में जगह बनाए हुए है. करीना कपूर और शाहिद कपूर की रोमांटिक फिल्म 'जब वी मेट' (2007) में गाया गया 'आओगे जब तुम साजना' सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि एक खास एहसास है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गाने को बनाने में उसके कंपोजर को पूरे 14 साल लग गए थे?
दरअसल इस गाने की धुन तैयार करने वाले म्यूजिक कंपोजर हैं संदेश शांडिल्य. फिल्म में प्रीतम ने ज्यादातर गाने कंपोज किए थे, लेकिन 'आओगे जब तुम साजना' पूरी तरह संदेश शांडिल्य की रचना है. उन्होंने बताया था कि इस धुन पर उन्होंने 14 साल पहले काम शुरू कर दिया था. तब उन्होंने सिर्फ डमी लिरिक्स के साथ ट्यून तैयार की थी. कई सालों तक उन्हें ऐसी फिल्म या सिचुएशन नहीं मिली जहां ये गाना परफेक्टली फिट बैठे.
आखिरकार जब 'जब वी मेट' आई तो इस गाने को करीना कपूर वाले उस खूबसूरत सीन में इस्तेमाल किया गया. गाने को उस्ताद राशिद खान ने अपनी मधुर आवाज दी, जबकि गीतकार फायज अनवर ने शब्द लिखे. नतीजा ये हुआ कि गाना रिलीज होते ही लोगों के दिलों में बस गया. आज भी जब ये गाना बजता है तो सुनने वाले का मन भर आता है.
संदेश शांडिल्य कोई नया नाम नहीं हैं. उन्होंने करण जौहर की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कभी खुशी कभी गम' में भी कई यादगार गाने कंपोज किए थे. 'सूरज हुआ मधम', 'यू आर माय सोनिया', 'दीवाना है देखो' जैसे गाने उनकी ही रचना हैं. इसके अलावा 'पिया बसंती रे' और 'ले जा ले रे' जैसे गानों ने भी उन्हें काफी पॉपुलैरिटी दिलाई थी. कई उस्ताद गायकों ने उनके कंपोजिशन पर अपनी आवाज दी है. फिर भी अफसोस की बात ये है कि संदेश शांडिल्य को बॉलीवुड में वो पहचान नहीं मिल पाई जो उन्हें मिलनी चाहिए थी.
जबकि उनके गानों में एक अनोखी आत्मीयता और संवेदनशीलता होती है जो आज भी तरोताजा लगती है. 'जब वी मेट' के इस गाने ने साबित कर दिया कि अच्छा म्यूजिक समय के साथ और भी बेहतर लगता है. 14 साल की मेहनत आखिरकार रंग लाई और एक क्लासिक गाना तैयार हुआ जो आज भी लाखों दिलों को छूता है.