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TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को देखते ही भीड़ ने लगाए 'चोर-चोर' के नारे, बरसाए अंडे-पत्थर; हेलमेट पहनकर बचाई जान

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी पर शनिवार को उस समय हमला हुआ, जब वे चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने पहुंचे थे.

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TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को देखते ही भीड़ ने लगाए 'चोर-चोर' के नारे, बरसाए अंडे-पत्थर; हेलमेट पहनकर बचाई जान
Courtesy: Social Media

कोलकाता: सत्ता जाते ही ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के बुरे दिन किस तरह शुरू हो गए हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब वो दक्षिण चौबीस परगना जिले के सोनारपुर इलाके में हालिया चुनावों के बाद भड़की हिंसा से प्रभावित लोगों का हालचाल जानने और उनके परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे, तो वहां के लोगों का गुस्सा भड़क उठा और लोगों उन पर अंडे और पत्थर बरसाने शुरू कर दिए.

मिली जानकारी के अनुसार, जैसे ही अभिषेक बनर्जी का काफिला इलाके में पहुंचा, वैसे ही वहां मौजूद भीड़ उग्र हो गई. वही कुछ लोगों ने सांसद को निशाना बनाते हुए उन पर ताबड़तोड़ अंडे और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए. गनीमत यह रही कि हमले के वक्त टीएमसी नेता ने सुरक्षा के लिहाज से हेलमेट पहन लिया, जिसके कारण वे किसी बड़ी शारीरिक चोट से बाल-बाल बच गए.

लोगों ने जमकर की नारेबाजी

इस हिंसक झड़प के दौरान मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने सांसद के खिलाफ बेहद तीखी नारेबाजी भी की. भीड़ में शामिल कई लोग अभिषेक बनर्जी को देखते ही 'चोर-चोर' के नारे लगाने लगे. घटना के सामने आए वीडियो और दृश्यों में साफ देखा जा सकता है कि तनाव अत्यधिक बढ़ने के बाद उनके निजी सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत एक्शन लिया. सुरक्षा बलों ने सांसद के चारों तरफ एक अभेद्य घेरा बनाया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले गए.

भाजपा पर हमले का सीधा आरोप

इस हमले से आक्रोशित टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने सीधे तौर पर बीजेपी पर निशाना साधा है. मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने इस पूरी घटना को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक सोची-समझी साजिश करार दिया. बनर्जी ने कहा कि यह सब पूरी तरह से भाजपा द्वारा प्रायोजित था. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव खत्म हुए अभी एक महीना भी नहीं हुआ है और लोकतंत्र का यह क्रूर रूप सामने आ गया है.

पुलिस प्रशासन पर उठाए सवाल

बनर्जी ने स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लचर रवैए पर भी अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके इस संवेदनशील दौरे की लिखित जानकारी अधिकारियों को पहले ही दे दी गई थी, इसके बावजूद मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं किया गया था. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वे इस स्थान से तब तक नहीं हटेंगे जब तक पुलिस प्रशासन यहां सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं दे देता.

जान से मारने की साजिश का दावा

सांसद ने स्थानीय हालात को बेहद नाजुक बताते हुए दावा किया कि उपद्रवी तत्व वहां लोगों के घरों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने यहां तक आशंका जताई कि यह हमला केवल विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि उन्हें जान से मारने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा था. फिलहाल इस घटना के बाद सोनारपुर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है.