मुंबई: फिल्म इक्कीस आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और इसके साथ ही एक भावुक चर्चा भी शुरू हो गई है. इस फिल्म को लेकर जहां एक तरफ अगस्त्य नंदा के डेब्यू की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर बॉलीवुड के हीमैन धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म होने की वजह से यह प्रोजेक्ट खास बन गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इक्कीस के रिलीज से पहले ही धर्मेंद्र का निधन हो गया था, जिससे यह फिल्म उनके करियर की अंतिम कड़ी बन गई.
धर्मेंद्र ने अपने लंबे और शानदार करियर में सैकड़ों फिल्मों में काम किया. लेकिन इक्कीस इसलिए अलग है क्योंकि यह उनकी आखिरी रिलीज मानी जा रही है. दर्शक न सिर्फ उनकी परफॉर्मेंस को देखने के लिए उत्साहित हैं बल्कि यह जानने को भी उत्सुक हैं कि उन्होंने अपनी अंतिम फिल्म के लिए कितनी फीस ली थी.
हालांकि इक्कीस अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा की डेब्यू फिल्म है, लेकिन चर्चा का केंद्र धर्मेंद्र ही बने हुए हैं. उनकी मौजूदगी फिल्म को भावनात्मक वजन देती है. यही वजह है कि रिलीज के साथ ही उनकी फीस को लेकर तरह तरह की रिपोर्ट्स सामने आने लगीं.
रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म इक्कीस का बजट ठीक ठाक रखा गया था और कलाकारों की फीस भी उसी हिसाब से तय की गई थी. बताया जा रहा है कि अगस्त्य नंदा ने अपनी पहली फिल्म के लिए करीब 70 लाख रुपए की फीस ली. डेब्यू एक्टर के लिहाज से यह रकम काफी अच्छी मानी जा रही है.
फिल्म में अहम भूमिका निभाने वाले जयदीप अहलावत को इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 50 लाख रुपए मिले. पाताल लोक जैसी सीरीज के बाद जयदीप की डिमांड काफी बढ़ चुकी है और वह अब चुनिंदा लेकिन मजबूत किरदारों का हिस्सा बन रहे हैं.
फिल्म में नजर आने वाली सिमर भाटिया को रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 5 लाख रुपए की फीस दी गई. यह उनके करियर की शुरुआती फिल्मों में से एक मानी जा रही है, ऐसे में उनकी फीस अपेक्षाकृत कम रखी गई.
सबसे ज्यादा चर्चा धर्मेंद्र की फीस को लेकर है. रिपोर्ट्स की मानें तो हीमैन ने फिल्म इक्कीस के लिए करीब 20 लाख रुपए की फीस ली थी. यह रकम आज के दौर में किसी दिग्गज स्टार के लिए बेहद कम मानी जा सकती है. लेकिन धर्मेंद्र हमेशा से सादगी और काम के प्रति सम्मान के लिए जाने जाते रहे हैं.
धर्मेंद्र के करीबी लोगों का कहना है कि उन्होंने इस फिल्म को पैसों के लिए नहीं बल्कि कहानी और किरदार की वजह से चुना था. अपने करियर के आखिरी दौर में भी वह सिर्फ वही काम करना चाहते थे जिसमें उन्हें सच्चाई और भावनात्मक जुड़ाव महसूस हो.