नई दिल्ली: मध्य पूर्व में सैन्य तनाव के बढ़ने का असर अब हवाई यात्रा पर भी साफ दिख रहा है. नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगातार तीसरे दिन बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ी.
ताजा जानकारी के अनुसार, कुल 87 इंटरनेशनल फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं, जिसमें 37 प्रस्थान (डिपार्चर) और 50 आगमन (अराइवल) उड़ानें शामिल है.
एयरलाइंस कंपनियों ने संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर और इजराइल जैसे देशों के लिए कई सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं. एयर इंडिया और इंडिगो समेत कई एयरलाइंस ने सुरक्षा कारणों और बंद हवाई क्षेत्रों का हवाला देते हुए उड़ानें निलंबित की हैं. एयरस्पेस बंद होने और रूट बदलने की मजबूरी के कारण उड़ानों का संचालन कठिन हो गया है. कुछ विमानों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है, जबकि कई उड़ानें पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, लगातार कैंसिलेशन के कारण एयरपोर्ट पर हजारों यात्री फंस गए हैं. कई यात्रियों को अपनी एयरलाइन से संपर्क करने में भी परेशानी हो रही है. टिकट बदलने, रिफंड और अगली उड़ान की जानकारी के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं. कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्हें आखिरी समय में उड़ान रद्द होने का संदेश मिला. खासकर, खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय कामगारों और ट्रांजिट यात्रियों को ज्यादा दिक्कत हो रही है.
एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें और एयरलाइन से संपर्क बनाए रखे. प्रबंधन ने यह भी संकेत दिया है कि जब तक मध्य पूर्व में हालात सामान्य नहीं होते, तब तक और उड़ानें रद्द या प्रभावित हो सकती हैं. मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियों के कारण कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र में प्रतिबंध लगा रखे हैं. इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं का सामान्य संचालन बाधित हो रहा है.
विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्रीय तनाव कम होने और हवाई मार्ग फिर से खुलने के बाद ही उड़ानों का नियमित संचालन बहाल हो पाएगा. फिलहाल, यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर यात्रा योजना बनाने और आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है.