मुंबई: भूमि पेडनेकर की दलदल 30 जनवरी को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई है. यह वेब सीरीज विश धामिजा की किताब भेदी बाजार पर आधारित है. शो को सुरेश त्रिवेणी ने बनाया है और निर्देशन की जिम्मेदारी अमृत राज गुप्ता ने संभाली है. सात एपिसोड की यह सीरीज़ अपराध, पछतावे और कर्म के सिद्धांत के इर्द गिर्द घूमती है. कहानी की शुरुआत होती है नई नियुक्त डीसीपी रीटा फरेरा से, जिसका किरदार निभाया है भूमि पेडनेकर ने. रीटा को एक ऐसे सीरियल किलर का केस सौंपा जाता है, जो अपने शिकारों को एक खास पैटर्न में मारता है. इस जांच में सब इंस्पेक्टर इंदु म्हात्रे उसका साथ देती है.
जांच आगे बढ़ती है, लेकिन रीटा के अतीत के जख्म और अपराध बोध बार बार उसके फैसलों को प्रभावित करते हैं. इसी बीच एंट्री होती है पत्रकार अनीता की, जो प्रेस कॉन्फ्रेंस में रीटा को असहज सवालों से घेर लेती है. यही किरदार कहानी की दिशा बदल देता है.
अनीता का रिश्ता साजिद से है, जो एक ड्रग एडिक्ट है और रिहैबिलिटेशन सेंटर में रहता है. साजिद का किरदार निभाया है आदित्य रावल ने. जैसे जैसे जांच आगे बढ़ती है, रीटा के लिए मुश्किलें बढ़ती जाती हैं. सवाल यह है कि क्या रीटा केस सुलझा पाएगी या अनीता उसके लिए कुछ और ही प्लान कर चुकी है.
गुल्लक जैसी सीरीज से पहचान बनाने वाले अमृत राज गुप्ता ने पहली बार सस्पेंस थ्रिलर में कदम रखा है. निर्देशन के स्तर पर वह माहौल बनाने में सफल रहते हैं, लेकिन स्क्रीनप्ले कमजोर पड़ता है. पास्ट और प्रेजेंट को जिस तरह से पेश किया गया है, वह कई जगह उलझन पैदा करता है. सबसे बड़ी कमी यह है कि पहले एपिसोड के अंत तक दर्शक को असली कातिल का अंदाजा हो जाता है. इसके बाद सीरीज़ काफी हद तक प्रेडिक्टेबल हो जाती है और सस्पेंस की धार कुंद पड़ जाती है.
परफॉर्मेंस के मामले में दलदल मजबूत है. भूमि पेडनेकर ने डीसीपी रीटा के किरदार में संयमित अभिनय किया है. कम डायलॉग्स में उन्होंने अंदरूनी संघर्ष को अच्छे से दिखाया है. लेकिन शो की असली स्टार हैं समारा तिजोरी. अनीता के किरदार में वह जटिल, रहस्यमयी और असरदार हैं. बिना ज्यादा खुलासा किए इतना कहा जा सकता है कि सिर्फ उनके लिए भी यह सीरीज़ देखी जा सकती है.
आदित्य रावल साजिद के रोल में सरप्राइज करते हैं. एक टूटे हुए और संघर्ष कर रहे किरदार में उन्होंने गहराई दिखाई है. इंदु म्हात्रे के रूप में गीता अग्रवाल भी बेहद प्रभावशाली हैं. सपोर्टिंग कास्ट ने भी ईमानदार कोशिश की है.
दलदल एक ऐसी वेब सीरीज है जो दमदार कलाकारों के बावजूद पूरी तरह बांध नहीं पाती. कहानी में संभावनाएं थीं, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और प्रेडिक्टेबल ट्विस्ट इसका असर कम कर देते हैं. समारा तिजोरी इस थ्रिलर की सबसे बड़ी ताकत हैं. अगर आप हल्का सस्पेंस पसंद करते हैं और परफॉर्मेंस पर ध्यान देते हैं, तो दलदल आपको एक बार जरूर आकर्षित कर सकती है.