नई दिल्ली: शार्क टैंक का सीजन 3 इन दिनों काफी चर्चा में है. अब ऐसे में कई ऐसे स्टार्टअप है जिन्होंने अपने बिजनेस को अर्श से फर्श तक पहुंचाया. वहीं कुछ के बिजनेस वो कमाल नहीं कर पाए जिनकी उन्हें उम्मीद थी. कंपनी का टर्नओवर अरबों रुपयों में पहुंच चुका है, लेकिन बाद में शेयरहोल्डर्स ने इन फाउंडर्स को कंपनी से बाहर निकाल फेंका.
आज हम आपको इस आर्टिकल में ऐसे ही फाउंडर्स के बारे में बताएंगे जो अपनी मेहनत से कंपनी को नई ऊंचाईयों तक पहुंचा रहे, लेकिन बाद में उन्हें कंपनी से बाहर भी निकाल दिया जा रहा.
हाउसिंग डॉट कॉम (Housing.com) के फाउंडर राहुल यादव (Rahul Yadav) को तो आप जानते ही होंगे. कंपनी ने इन्हें भी कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. मुंबई आईआईटी (IIT, Mumbai) के छात्र रहे राहुल यादव ने हाउसिंग डॉट कॉम को सिर्फ दो साल के अंदर निवेश कर बुलंदियों पर पहुंचाया था. आईआईटी में पढ़ाई करने के बाद राहुल और उनके दोस्त मुंबई में घर ढूंढ रहे थे जिसमें उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. इससे ही इन्हें स्टार्टअप का आईडिया आया था. साल 2012 में इन्होंने इस कंपनी की शुरुआत की थी.
वहीं इस लिस्ट में भारत पे के को-फाउंडर और सबके चहेते शार्क रहे अशनीर ग्रोवर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. उन्होंने भारत पे को कई ऊंची बुलंदियों तक पहुंचाया लेकिन बाद में उन्हें भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.
वहीं एडटेक कंपनी के फाउंडर रवीन्द्र बायजू को 23 फरवरी को बाहर का रास्ता दिखा दिया. सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने भी अक्टूबर 2007 में फ्लिपकार्ट को बनाया लेकिन बाद में दोनों को शेयरहोल्डर्स ने निकाल दिया.