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'6 साल की उम्र में पिता का दोस्त करता था गलत हरकत, कई सालों तक झेला', मिसेज वर्ल्ड रही एक्ट्रेस ने बयां किया अपना दर्द

एक्ट्रेस ने स्वीकार किया कि ये अनुभव आज भी उनके व्यवहार को प्रभावित करते हैं. भीड़ में कोई बहुत पास आ जाए तो उनका शरीर अपने आप रिएक्ट करता है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'6 साल की उम्र में पिता का दोस्त करता था गलत हरकत, कई सालों तक झेला', मिसेज वर्ल्ड रही एक्ट्रेस ने बयां किया अपना दर्द
Courtesy: pinterest

अदिति गोवित्रीकर ने साल 2002 में फिल्म 'सोच' से बॉलीवुड में कदम रखा था. इसके बाद वह 16 दिसंबर, पहेली और दे दना दन जैसी फिल्मों में नजर आईं. टीवी दर्शक उन्हें बिग बॉस 3 और खतरों के खिलाड़ी में भी देख चुके हैं. अदिति ने साल 2001 में मिसेज वर्ल्ड का खिताब जीतकर इतिहास रचा था और वह यह ताज जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं.

इंडस्ट्री से जुड़ा दर्द

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अदिति ने बताया कि मिसेज वर्ल्ड बनने के बावजूद उन्हें वह पहचान और मौके नहीं मिले, जो उसी दौर में प्रियंका चोपड़ा और लारा दत्ता को मिले. उन्होंने स्वीकार किया कि इस बात ने उन्हें अंदर से काफी आहत किया.

पिता के दोस्त ने की गलत हरकत

अदिति ने बेहद भावुक होते हुए अपने बचपन के कुछ ऐसे अनुभव साझा किए, जिन्होंने उन्हें जीवनभर के लिए मानसिक रूप से प्रभावित किया. उन्होंने बताया कि जब वह सिर्फ छह-सात साल की थीं, तब उनके पिता के एक दोस्त ने उनके साथ गलत हरकत की थी. उस उम्र में वह यह भी ठीक से नहीं समझ पाईं कि उनके साथ क्या हुआ, लेकिन अपमान और डर का एहसास उनके भीतर बैठ गया.

पनवेल और मुंबई के अनुभव

पनवेल में पली-बढ़ीं अदिति ने कहा कि वहां उन्हें कई परेशान करने वाली घटनाओं का सामना करना पड़ा. बाद में पढ़ाई के लिए मुंबई आने पर भी सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा रही. वह बस से सफर करती थीं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में खुद को सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाती थीं.

खुद की सुरक्षा के लिए बनाए तरीके

अदिति ने बताया कि वह दोनों तरफ बड़े बैग रखती थीं, जिनमें मोटी किताबें होती थीं, ताकि कोई उन्हें छू न सके. अगर सीट मिल जाती थी, तो वह दोनों ओर बैग रख लेती थीं. यह उनका खुद का बचाव तरीका था.

आज भी असर बरकरार

अदिति ने स्वीकार किया कि ये अनुभव आज भी उनके व्यवहार को प्रभावित करते हैं. भीड़ में कोई बहुत पास आ जाए तो उनका शरीर अपने आप रिएक्ट करता है. उन्होंने कहा कि यह एक तरह का PTSD है, जिससे कई महिलाएं गुजरती हैं.

महिलाओं के लिए बड़ा संदेश

अदिति का यह खुलासा समाज में महिलाओं की सुरक्षा और संवेदनशीलता पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है. उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं अक्सर जाने-पहचाने लोगों द्वारा ही होती हैं और इन पर खुलकर बात करना बेहद जरूरी है.