मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को भी सकारात्मक शुरुआत की और लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की. घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी, आईटी और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी तथा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार की धारणा को मजबूत बनाए रखा. शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों हरे निशान में कारोबार करते दिखे. वैश्विक बाजारों में मिले-जुले संकेतों के बावजूद घरेलू बाजार ने मजबूती बनाए रखी और निवेशकों का भरोसा कायम रहा.
बुधवार सुबह कारोबार के दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 145.60 अंक की बढ़त के साथ 76,954.08 पर पहुंच गया. वहीं निफ्टी 14.50 अंक मजबूत होकर 24,003.65 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. सेंसेक्स में सबसे ज्यादा तेजी टेक महिंद्रा में रही, जिसके शेयर एक प्रतिशत से अधिक चढ़े. इसके अलावा इंडिगो, ट्रेंट, सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, टाटा स्टील और टीसीएस जैसे प्रमुख शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली. दूसरी ओर एनटीपीसी, भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे शेयरों में हल्की कमजोरी दर्ज की गई. बाजार की दिशा तय करने वाले बड़े शेयरों में चुनिंदा खरीदारी ने सूचकांकों को मजबूती प्रदान की.
मुख्य सूचकांकों के मुकाबले व्यापक बाजार में और बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला. निफ्टी मिडकैप 100 में 0.23 प्रतिशत, स्मॉलकैप 100 में 0.41 प्रतिशत और माइक्रोकैप 250 में 0.55 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी सबसे आगे रहा और लगभग 0.78 प्रतिशत मजबूत हुआ. कंज्यूमर ड्यूरेबल्स तथा मीडिया सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। फार्मा, पीएसयू बैंक, ऑयल एंड गैस और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स भी बढ़त में रहे. हालांकि रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव दिखा, जबकि मेटल, ऑटो, एफएमसीजी और सीमेंट शेयरों में सीमित गिरावट दर्ज की गई.
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों की निगाह अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी घोषणा पर टिकी हुई है. फिलहाल दरों में बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन भविष्य की नीति को लेकर दिए जाने वाले संकेत महत्वपूर्ण रहेंगे. इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट भारतीय बाजार के लिए राहत लेकर आई है. ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों में उल्लेखनीय कमजोरी दर्ज की गई, जिससे भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है. तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि जब तक निफ्टी 23,780 के ऊपर बना रहता है तब तक बाजार का निकट अवधि का रुझान सकारात्मक रह सकता है.