नई दिल्ली: बाजार में सुबह से ही नजरें चांदी के भाव पर टिकी थीं. लगातार चौथे दिन इसकी चमक फीकी पड़ी. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार एक किलो चांदी 1,165 रुपए लुढ़ककर 2.21 लाख रुपए पर आ गई. मंगलवार को यह 2.22 लाख रुपए पर थी. बीते चार दिनों में चांदी कुल 11,915 रुपए सस्ती हो चुकी है. गहने या निवेश के लिए इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह खबर राहत जैसी है.
सोने का मिजाज इससे अलग रहा. दो दिन की गिरावट के बाद आज इसमें 221 रुपए की तेजी आई और 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1.48 लाख रुपए के स्तर पर पहुंच गया. यानी एक तरफ चांदी खरीदने वालों के चेहरे खिले, तो दूसरी तरफ सोना लेने की सोच रहे लोगों को थोड़ा महंगा सौदा करना पड़ेगा. ऐसे उतार चढ़ाव हर घर के बजट पर असर डालते हैं.
एक ही दिन अलग अलग शहरों में सोने का भाव अलग क्यों होता है? पहली वजह ढुलाई है, क्योंकि सोना भेजने में ईंधन और सुरक्षा का खर्च जुड़ता है. दूसरी वजह खरीद की मात्रा है; दक्षिण भारत में करीब 40 प्रतिशत खपत है, पर छूट का फायदा सीमित रहता है. तीसरी, स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन मांग आपूर्ति देखकर रेट तय करते हैं. चौथी, ज्वेलर का पुराना स्टॉक और उसका खरीद भाव बिक्री कीमत तय करता है.
2026 में सोने चांदी की चाल निवेशकों को लगातार चौंकाती रही है. 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.48 लाख रुपए पर है, यानी 14,689 रुपए की बढ़त. उधर चांदी उस दिन 2.30 लाख रुपए किलो थी और अब 2.21 लाख रुपए पर है, यानी 9,985 रुपए सस्ती. इसी बीच 29 जनवरी को सोना 1.76 लाख और चांदी 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई तक पहुंची थी.
सोना हमेशा BIS हॉलमार्क वाला ही लें; कोड अल्फान्यूमेरिक होता है, जैसे AZ4524. वजन और भाव को IBJA जैसे कई स्रोतों से मिलाएं, क्योंकि 24, 22 और 18 कैरेट की कीमत अलग होती है. चांदी घर पर परखें: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती, उस पर बर्फ तेजी से पिघलती है, उसमें गंध नहीं आती और सफेद कपड़े पर रगड़ने से काला निशान पड़ता है.