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India Daily

8th Pay Commission: क्या 65% तक बढ़ सकती है बेसिक सैलरी? जानिए भत्तों पर क्या है नया अपडेट

कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के तहत मूल वेतन में 65% बढ़ोतरी की मांग की है. भत्तों में सुधार और फिटमेंट फैक्टर को 2.10 करने के इस प्रस्ताव से केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी काफी बढ़ सकती है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
8th Pay Commission: क्या 65% तक बढ़ सकती है बेसिक सैलरी? जानिए भत्तों पर क्या है नया अपडेट
Courtesy: ai generated

नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. अलग-अलग राज्यों में कर्मचारी संगठन लगातार बैठकें कर रहे हैं और सरकार के सामने अपनी मांगें रख रहे हैं. उनकी मांग है कि महंगाई को देखते हुए सैलरी, भत्तों और पेंशन के नियमों में बड़े बदलाव किए जाएं. अगर कर्मचारी संगठनों के इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो सरकारी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 65% तक की भारी बढ़ोतरी हो सकती है. इससे खासकर शुरुआती स्तर के कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी यानी हाथ में आने वाला वेतन काफी बढ़ जाएगा.

सैलरी बढ़ने के मुख्य कारण और प्रस्ताव क्या हैं?

परिवार के सदस्यों की गिनती बदलने का प्रस्ताव- अभी तक सैलरी और भत्तों की गणना के लिए परिवार में 3 सदस्य माने जाते हैं. लेकिन ऑल इंडिया नेशनल प्रोग्रेसिव स्टाफ एम्प्लॉइज फेडरेशन ने मांग की है कि इसमें आश्रित माता-पिता को भी जोड़ा जाए और परिवार की यूनिट को बढ़ाकर 4.4 किया जाए. अगर ऐसा होता है, तो 'फिटमेंट फैक्टर' यानी सैलरी तय करने का पैमाना 2.05 से बढ़कर 2.10 हो जाएगा, जिससे बेसिक सैलरी अपने आप बढ़ जाएगी.

घर के किराये (HRA) में बढ़ोतरी की मांग-  शहरी इलाकों में मकानों के बढ़ते किराये को देखते हुए संगठनों ने हाउस रेंट अलाउंस बढ़ाने की मांग की है.

  • X कैटेगरी यानी बड़े शहर- 36% HRA की मांग
  • Y कैटेगरी यानी मझोले शहर- 24% HRA की मांग
  • Z कैटेगरी यानी छोटे शहर- 12% HRA की मांग
  • ट्रैवल अलाउंस को तीन गुना करने की तैयारी

कर्मचारियों का कहना है कि महानगरों में आने-जाने का खर्च बहुत बढ़ गया है, इसलिए मौजूदा ट्रैवल अलाउंस काफी कम है. प्रस्ताव में मांग की गई है कि लेवल-1 के कर्मचारियों के लिए कम से कम 9,000 ट्रैवल अलाउंस तय किया जाए या फिर इसे मौजूदा दर से तीन गुना बढ़ाकर आगे होने वाली महंगाई से जोड़ दिया जाए.

बेसिक पे में डीए का मर्जर

एक बड़ी मांग यह भी है कि जैसे ही महंगाई भत्ता यानी DA 25% के स्तर पर पहुंचे, उसे मूल वेतन में मिला दिया जाए. इससे भविष्य में होने वाले सैलरी रिवीजन और पेंशन की गणना के लिए एक मजबूत आधार मिलेगा.

कितनी हो जाएगी नई सैलरी? 

अभी एक्स-कैटेगरी के शहर में लेवल-1 के एक कर्मचारी की कुल मासिक सैलरी लगभग37,080 होती है. यदि नए प्रस्ताव यानी 2.10 फिटमेंट फैक्टर, 36% HRA,9,000 ट्रैवल अलाउंस और नए बेसिक पर 2% DA को मान लिया जाता है, तो यह सैलरी बढ़कर करीब 61,344 हो जाएगी. यानी सीधे तौर पर लगभग 65% का उछाल होगा.

हालांकि ये सभी बातें और आंकड़े अभी सिर्फ कर्मचारी संगठनों की मांगें और सिफारिशें हैं. सरकार ने अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है. 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही सरकार भत्तों और सैलरी स्ट्रक्चर पर अंतिम मुहर लगाएगी. यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो देश के 1 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा.