सरकार ने विनिवेश कार्यक्रम के तहत भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में अपनी हिस्सेदारी घटाने की दिशा में नया कदम उठाया है. ऑफर फॉर सेल के जरिए 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बाजार में लाई जाएगी. मजबूत मांग मिलने पर अतिरिक्त 4 प्रतिशत हिस्सेदारी भी बेची जा सकती है.
विनिवेश विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणिश चावला ने जानकारी दी कि एलआईसी के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से की जाएगी. इस प्रक्रिया में मंगलवार को गैर-रिटेल निवेशक बोली लगा सकेंगे, जबकि रिटेल निवेशकों के लिए बुधवार का दिन तय किया गया है. सरकार ने प्रति शेयर 382 रुपये का फ्लोर प्राइस निर्धारित किया है. यह मूल्य वह न्यूनतम कीमत होगी, जिस पर निवेशक आवेदन कर सकेंगे. सरकार का उद्देश्य पारदर्शी तरीके से अपनी हिस्सेदारी कम करना और बाजार में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाना है.
सरकार शुरुआती चरण में एलआईसी की 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है. यदि निवेशकों की ओर से अपेक्षा से अधिक मांग आती है, तो ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त 4 प्रतिशत हिस्सेदारी भी बेची जा सकेगी. यह व्यवस्था विक्रेता को जरूरत पड़ने पर अधिक शेयर जारी करने की सुविधा देती है. इससे निवेशकों की मांग पूरी करने के साथ-साथ सरकार को अधिक संसाधन जुटाने का अवसर भी मिलेगा.
ऑफर फॉर सेल एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से सूचीबद्ध कंपनियों के प्रमोटर या सरकार अपनी हिस्सेदारी सीधे शेयर बाजार के जरिए बेचते हैं. इससे संस्थागत और खुदरा निवेशकों को पारदर्शी तरीके से शेयर खरीदने का अवसर मिलता है. इस प्रक्रिया का उपयोग अक्सर सरकार सार्वजनिक उपक्रमों में अपनी हिस्सेदारी कम करने और न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (MPS) के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए करती है.
सरकार का कहना है कि यह हिस्सेदारी बिक्री न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता के लक्ष्य को तय समय से पहले पूरा करने में मदद करेगी. शेयर बाजार के नियमों के अनुसार सूचीबद्ध कंपनियों में एक निश्चित प्रतिशत सार्वजनिक हिस्सेदारी होना जरूरी है. सोमवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर एलआईसी का शेयर 424 रुपये पर बंद हुआ, जबकि OFS के लिए फ्लोर प्राइस 382 रुपये रखा गया है. अब निवेशकों की नजर इस पेशकश को मिलने वाली प्रतिक्रिया पर रहेगी.09