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India Daily

भारत-उज्बेकिस्तान के बीच होगी बड़ी डील? FTA पर पीयूष गोयल का बड़ा ऐलान

भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मुक्त व्यापार समझौते यानी FTA की संभावनाएं तेज हुई हैं. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने व्यापार, निवेश और संयुक्त विनिर्माण बढ़ाने का आह्वान करते हुए तीन वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य रखा.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
भारत-उज्बेकिस्तान के बीच होगी बड़ी डील? FTA पर पीयूष गोयल का बड़ा ऐलान
Courtesy: social media

नई दिल्ली: भारत और उज्बेकिस्तान अपने आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. नई दिल्ली में आयोजित भारत-उज्बेकिस्तान बिजनेस फोरम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दोनों देशों के बीच संभावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर विचार करने के संकेत दिए और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया.

एफटीए से व्यापार को नई दिशा

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी आपसी विश्वास और साझा विकास के लक्ष्य पर आधारित है. उन्होंने उद्योग जगत से संयुक्त निवेश, संयुक्त विनिर्माण और नवाचार के क्षेत्र में मिलकर काम करने की अपील की. उनका कहना था कि यदि दोनों देश व्यापारिक बाधाओं को कम करें, मानकों की पारस्परिक मान्यता बढ़ाएं और डिजिटल कस्टम व्यवस्था को मजबूत करें, तो आने वाले तीन वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना किया जा सकता है. संभावित एफटीए इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.

निवेश और उद्योगों में बढ़ेगा सहयोग

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 से लागू द्विपक्षीय निवेश संधि निवेशकों को सुरक्षा, पारदर्शिता और विवाद की स्थिति में कानूनी संरक्षण उपलब्ध कराती है. उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान खनन और कपास उत्पादन में मजबूत है, जबकि भारत वस्त्र उद्योग और विनिर्माण में अग्रणी है. दोनों देश मिलकर वैश्विक बाजार के लिए परिधान, डिजाइन और औद्योगिक उत्पादों का उत्पादन बढ़ा सकते हैं. इससे निवेश और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा.

दवा, कृषि और डिजिटल क्षेत्र पर विशेष जोर

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत दुनिया की 'फार्मेसी' के रूप में पहचाना जाता है और सस्ती दवाओं, चिकित्सा उपकरणों, टेलीमेडिसिन तथा स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से उज्बेकिस्तान की मदद कर सकता है. उन्होंने आयुर्वेद, योग और यूनानी चिकित्सा में सहयोग बढ़ाने का भी सुझाव दिया. इसके साथ ही कृषि, फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन, एग्री-टेक, फिनटेक, मेडटेक और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों को भविष्य की साझेदारी के लिए अहम बताया.

बढ़ते व्यापार पर दोनों देशों की नजर

भारत और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है. वित्त वर्ष 2024 में दोनों देशों के बीच व्यापार 756.6 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया. भारत से दवाइयां, मशीनरी, वाहन पुर्जे और मोबाइल फोन का निर्यात होता है, जबकि उज्बेकिस्तान से फल-सब्जियां, उर्वरक और अन्य कृषि उत्पाद आयात किए जाते हैं. सरकार का मानना है कि एफटीए लागू होने पर बाजार तक पहुंच आसान होगी, आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी और दोनों देशों के आर्थिक संबंध नई गति पकड़ेंगे.