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अमीरों की कतार में शामिल हुए भारत के ये 5 राज्य! विश्व बैंक की रिपोर्ट में बिहार और यूपी का हाल सबसे बुरा

भारत भले ही अभी विश्व बैंक की निचली-मध्यम आय श्रेणी में बना हुआ है, लेकिन देश के पांच राज्यों ने ऊपरी-मध्यम आय का स्तर हासिल कर लिया है. वहीं तीन अन्य राज्य इस श्रेणी में पहुंचने से बेहद मामूली अंतर से चूक गए.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
अमीरों की कतार में शामिल हुए भारत के ये 5 राज्य! विश्व बैंक की रिपोर्ट में बिहार और यूपी का हाल सबसे बुरा
Courtesy: ai generated

नई दिल्ली: विश्व बैंक द्वारा हाल ही में जारी आंकड़ों के विश्लेषण से एक दिलचस्प बात सामने आई है. भले ही पूरा भारत अभी 'लोअर-मिडिल-इनकम' वाले देशों की श्रेणी में आता है, लेकिन देश के 5 राज्यों ने तरक्की के मामले में विश्व बैंक के 'अपर-मिडिल-इनकम' के स्तर को पार कर लिया है. हाल ही में विश्व बैंक ने श्रीलंका, वियतनाम और फिलीपींस जैसे देशों को बेहतर कमाई के कारण ऊंचे इनकम ग्रुप में डाला है.

पूरे भारत की बात करें, तो यहां प्रति व्यक्ति औसत आय 2,760 डॉलर यानी लगभग 2.3 लाख रुपये है. लेकिन भारत के अंदर राज्यों की स्थिति एक जैसी नहीं है, उनमें काफी बड़ा अंतर है. विश्व बैंक के नियम के अनुसार, जिस देश में प्रति व्यक्ति आय 1,175 डॉलर से कम है वे 'गरीब', जहां 1,175 से 4,635 डॉलर के बीच है वे 'लोअर-मिडिल-इनकम' और जो 14,375 डॉलर से ऊपर हैं वे 'अमीर' देश कहलाते हैं.

टॉप पर रहने वाले 5 राज्य

भारत के इन पांच राज्यों की प्रति व्यक्ति आय विश्व बैंक के 'अपर-मिडिल-इनकम' के तय पैमाने 4,636 डॉलर से कहीं ज्यादा है.

  • दिल्ली: 6,217 डॉलर
  • कर्नाटक: 5,579 डॉलर
  • तेलंगाना: 5,407 डॉलर
  • तमिलनाडु: 5,329 डॉलर
  • गुजरात: 4,734 डॉलर

ये राज्य अब कमाई के मामले में दुनिया के दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे देशों की बराबरी कर रहे हैं या उनसे आगे निकल चुके हैं.

लक्ष्य से चूके तीन राज्य- तीन बड़े राज्य ऐसे हैं जो बहुत मामूली अंतर से इस लिस्ट में शामिल होने से रह गए.

  • महाराष्ट्र: 4,628 डॉलर (सिर्फ 8 डॉलर कम रह गए)
  • हरियाणा: 4,627 डॉलर (सिर्फ 9 डॉलर पीछे)
  • केरल: 4,610 डॉलर (सिर्फ 26 डॉलर से चूक गए)

सबसे कम आय वाले राज्य

दूसरी तरफ, कुछ राज्यों की स्थिति अब भी चिंताजनक है. बिहार 984 डॉलर की प्रति व्यक्ति आय के साथ भारत का सबसे गरीब राज्य बना हुआ है. इसके बाद उत्तर प्रदेश 1,403 डॉलर और झारखंड 1,470 डॉलर का नंबर आता है. इन तीनों राज्यों के लोगों की औसत कमाई नेपाल और अफ्रीका के कुछ गरीब देशों से भी कम है.

30 सालों में कैसे बदला भारत का नक्शा?

साल 1994 में भारत का कोई भी बड़ा राज्य मिडिल-इनकम की श्रेणी में नहीं आता था, लेकिन आज तस्वीर बदल चुकी है. हालांकि, इस विकास ने राज्यों के बीच की खाई यानी असमानता को बढ़ा दिया है:

बढ़ती असमानता: पिछले 30 वर्षों में अमीर और गरीब राज्यों के बीच का अंतर 2.38 गुना से बढ़कर 3.73 गुना हो गया है.

मध्यम वर्ग के राज्यों ने मारी बाजी: बीते दशकों में मध्यम आय वाले राज्यों (जैसे कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु) ने सबसे तेजी से तरक्की की है।

कुछ चौंकाने वाले बदलाव

ओडिशा बनाम यूपी: 30 साल पहले ओडिशा और उत्तर प्रदेश की कमाई एक जैसी थी, लेकिन आज ओडिशा के लोग यूपी के मुकाबले 75% ज्यादा कमाते हैं.

असम बनाम झारखंड: कभी दोनों राज्य बराबरी पर थे, लेकिन आज असम की प्रति व्यक्ति आय झारखंड से 48% आगे है.

पंजाब पिछड़ा: साल 1994-95 में पंजाब सभी बड़े राज्यों में सबसे अमीर था, लेकिन आज वह खिसककर राजस्थान के बराबर आ गया है और सात अन्य राज्यों से पीछे हो चुका है.