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India Daily

सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, क्यों धड़ाम हुए दाम; जानें अब आगे क्या होगा?

मंगलवार को अमेरिकी नीतियों में अनिश्चितता और मुनाफावसूली के कारण सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई. भारतीय बाजार में सोना 1500 और चांदी 5000 रुपये से अधिक टूट गए, जिससे निवेशक हैरान हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, क्यों धड़ाम हुए दाम; जानें अब आगे क्या होगा?
Courtesy: ai generated

मुंबई: मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है. भारतीय बाजार पर सोना 1500 से ज्यादा टूट गया, जबकि चांदी की कीमतों में 5000 से अधिक की बड़ी गिरावट देखी गई. वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 4130 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गया और चांदी फिसलकर 61 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे चली गई. हैरानी की बात यह है कि सोमवार को ही सोना पिछले दो हफ्तों के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर था, लेकिन अगले ही दिन बाजार में अचानक बिकवाली का भारी दबाव बन गया.

भारत में आज क्या हैं भाव?

'इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन' (IBJA) के मुताबिक, टैक्स और मेकिंग चार्ज के बिना आज के ताजा दाम-

  • 24 कैरेट सोना- 1,44,141 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना- 1,40,680 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 18 कैरेट सोना- 1,16,750 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • चांदी- 2,28,450 रुपये प्रति किलोग्राम
  • प्लेटिनम- 58,212 प्रति 10 ग्राम

सोने के दाम अचानक क्यों गिरे?

इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता है. निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि नए फेड चेयर 'केविन वॉर्श' ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाते हैं. जब भी ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद होती है, तो लोग सोने के बजाय उन जगहों पर पैसा लगाना पसंद करते हैं जहां तय ब्याज मिल रहा हो, क्योंकि सोने पर कोई अलग से ब्याज नहीं मिलता.

गिरने से पहले क्यों चढ़ा था सोना?

सोमवार को सोना दो वजहों से चमका था इसमें पहला है वैश्विक तनाव में कमी. दुनिया में चल रहे युद्ध और तनाव के मोर्चों पर सीजफायर की खबरों से बाजार का माहौल सुधरा था. दूसरा है कमजोर अमेरिकी डेटा. अमेरिका में नौकरियों के आंकड़े उम्मीद से कमजोर आए थे, जिससे लगा कि बैंक ब्याज दरें नहीं बढ़ाएगा. लेकिन दो दिन लगातार तेजी देखने के बाद, मंगलवार को ट्रेडर्स ने अपना मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया, जिससे कीमतें अचानक नीचे आ गईं.

डॉलर का क्या असर पड़ रहा है?

आमतौर पर सोने और अमेरिकी डॉलर का छत्तीस का आंकड़ा होता है. डॉलर मजबूत होता है, तो विदेशी खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है और इसकी मांग घटने से दाम गिरते हैं. इस साल महंगाई और ग्लोबल तनाव की वजह से डॉलर मजबूत हुआ है, जिसके चलते सोना अपने रिकॉर्ड हाई से 25% से ज्यादा टूट चुका है.

चांदी, सोने से ज्यादा क्यों टूटी?

सोने की तुलना में चांदी का इस्तेमाल फैक्ट्रियों और उद्योगों में बहुत ज्यादा होता है जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक गाड़ियां. इसलिए जब भी दुनिया में मंदी या आर्थिक सुस्ती की चिंता बढ़ती है, तो चांदी की औद्योगिक मांग घटने के डर से इसके दाम सोने के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से गिरते हैं.

आगे क्या होने की उम्मीद है?

'विजडमट्री' की आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक, सोने का भविष्य आगे कैसा रहेगा, इसके लिए दो स्थितियां बन रही हैं.

तेजी की स्थिति- अगर अमेरिका में महंगाई दोबारा 4% की तरफ बढ़ती है और वहां का केंद्रीय बैंक सख्ती नहीं दिखाता, तो लोग सुरक्षित निवेश के लिए सोने की तरफ भागेंगे. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5,872 डॉलर प्रति औंस तक भी जा सकता है.

मंदी की स्थिति- अगर महंगाई काबू में आ जाती है और डॉलर और मजबूत होता है, तो सोने पर दबाव बना रहेगा. हालांकि, एक्सपर्ट्स इस स्थिति की उम्मीद कम जता रहे हैं.

हालांकि फिलहाल यह गिरावट मुनाफावसूली और अमेरिकी नीतियों के कारण है. आने वाले समय में सोने-चांदी की चाल पूरी तरह से वैश्विक आर्थिक हालातों, महंगाई और डॉलर की मजबूती पर निर्भर करेगी.