लखनऊ: राजधानी लखनऊ के बीबीडी थाना क्षेत्र में अपहरण और फिरौती का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. दो युवकों का अपहरण कर पहले उनके खातों से ऑनलाइन 20 हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए, फिर परिवार से एक लाख रुपये की फिरौती मांगी गई. शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तकनीकी जांच के सहारे सिर्फ दो घंटे के भीतर आरोपियों तक पहुंच गई. इस कार्रवाई में दोनों युवकों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया.
बस्ती जिले के हरैया क्षेत्र के बरहपुर कुंवर गांव निवासी राम सुरेश चौधरी ने 6 जुलाई को बीबीडी थाने में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने बताया कि उनके भतीजे निर्भय वर्मा और उसके साथी अभिषेक वर्मा का कुछ अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया है. आरोपियों ने दोनों को बंधक बनाकर उनके मोबाइल से 20 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए और बाद में परिवार से एक लाख रुपये की मांग शुरू कर दी.
मामला दर्ज होते ही पुलिस ने कई टीमें बनाईं और तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस तथा स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया. जांच के दौरान आनंदी वाटर पार्क के आसपास आरोपियों की मौजूदगी की जानकारी मिली. पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी की और बिना देरी किए चारों आरोपियों को पकड़ लिया. इसी कार्रवाई में दोनों अपहृत युवकों को भी सुरक्षित मुक्त करा लिया गया.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभय चौधरी, नवनीत तिवारी उर्फ गोलू, पीयूष राज और आर्यन सिंह के रूप में हुई है. सभी अलग अलग जिलों के रहने वाले हैं और फिलहाल बीबीडी क्षेत्र में किराए पर रहकर विभिन्न कोर्स की पढ़ाई कर रहे थे. पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इनका किसी अन्य आपराधिक गिरोह से कोई संबंध तो नहीं है.
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने पहले से योजना बनाकर दोनों युवकों का अपहरण किया था. उन्हें अपने कब्जे में रखकर डराया धमकाया गया और दबाव डालकर उनके बैंक खातों से 20 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए. इसके बाद परिवार को फोन कर एक लाख रुपये की फिरौती मांगी गई. मामले में जबरन धन उगाही से जुड़ी धाराएं भी जोड़ दी गई हैं.
पुलिस का कहना है कि चारों आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है. इसके लिए संबंधित जिलों की पुलिस से भी जानकारी मांगी गई है. फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी और की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.