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RBI के रेपो रेट के फैसले का क्या पड़ा सोने -चांदी के दामों पर असर? जानें लेटेस्ट रेट

आज सोने और चांदी की कीमतें स्थिर से मजबूत बनी हुई हैं. इक्विटी बाजार की कमजोरी से सोने में निवेश बढ़ा है. चांदी की मांग पारंपरिक और निवेश दोनों कारणों से मजबूत बनी हुई है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
RBI के रेपो रेट के फैसले का क्या पड़ा सोने -चांदी के दामों पर असर? जानें लेटेस्ट रेट
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: शुक्रवार को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा रेपो रेट में कोई बदलाव न करने के फैसले के बाद कीमतों में गिरावट आई. 24 कैरेट सोना आज दिल्ली में 15,385 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है. 22 कैरेट सोने की कीमत 14,104 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई है. 18 कैरेट सोना, जिसे 999 गोल्ड भी कहा जाता है, 11,542 रुपये प्रति ग्राम पर बिक रहा है.

साल की शुरुआत से ही दिल्ली में सोने के भाव में तेजी का रुझान देखा जा रहा है. इसका प्रमुख कारण शेयर बाजार में आई कमजोरी को माना जा रहा है. इक्विटी बाजार में गिरावट के चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख किया है. हाल के वर्षों में सोने की कीमतें सीमित दायरे में बनी हुई थीं लेकिन साल की शुरुआत में बाजार में आई अस्थिरता ने फिर से सोने को आकर्षक बना दिया है. दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग निवेश और आभूषण दोनों उद्देश्यों से सोना खरीदते हैं. 

कितनी है चांदी की कीमत?

चांदी की कीमतों की बात करें तो दिल्ली में आज चांदी 274.90 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रही है. एक किलोग्राम चांदी की कीमत 2,74,900 रुपये दर्ज की गई है. दिल्ली में चांदी हमेशा से निवेश का पसंदीदा विकल्प रही है. शहर की बड़ी आबादी और पारंपरिक उपयोग के कारण चांदी की मांग काफी मजबूत रहती है.

दिल्ली में चांदी का इस्तेमाल बर्तन, सजावटी सामान, सिक्कों और निवेश के रूप में किया जाता है. यही वजह है कि यहां चांदी की खपत देश के अन्य शहरों की तुलना में ज्यादा मानी जाती है. दिल्ली में चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों पर काफी हद तक निर्भर करती हैं. जब वैश्विक बाजारों में तेजी आती है, तो इसका सीधा असर दिल्ली के भाव पर भी पड़ता है.

विशेषज्ञों का क्या है मानना?

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी हलचल नहीं होती, तब तक चांदी के दाम स्थिर रह सकते हैं. जो निवेशक भौतिक रूप में चांदी नहीं खरीदना चाहते, उनके लिए एमसीएक्स एक बेहतर विकल्प है. एमसीएक्स के जरिए चांदी के कॉन्ट्रैक्ट खरीदने पर चोरी का खतरा नहीं रहता. इसके अलावा बैंक लॉकर शुल्क जैसी परेशानियों से भी छुटकारा मिलता है.