नई दिल्लीः मशहूर अर्थशास्त्री पीटर शिफ ने 2008 की मंदी की भविष्यवाणी की थी. हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में बड़ा दावा किया है. इस इंटरव्यू ने शेयर बाजार में हलचल मचा दी है. इस बार शिफ ने अमेरिकी डॉलर गिरने और उसकी जगह सोना ले लेगा ऐसी भविष्यवाणी की. इसके अनुसार आने वाला आर्थिक संकट 2008 के संकट से कहीं ज्यादा बड़ा होगा. यह एक बार फिर निवेशकों के लिए बड़ी चेतावनी है.
शिफ ने सिर्फ मंदी की नहीं, बल्कि 2008 से कहीं ज्यादा गंभीर आर्थिक संकट की भविष्यवाणी की है. उनका कहना है कि यह अमेरिका को उसकी जड़ों तक हिला देगा. इस बयान से निवेशकों और बाज़ार विशेषज्ञों में हलचल मच गई है. यह ध्यान देने वाली बात है कि शिफ को 'डॉ. डूम' के नाम से भी जाना जाता है. उन्होंने 2008 की मंदी की भविष्यवाणी करके अपना नाम कमाया था.
पीटर शिफ यूरो पैसिफिक एसेट मैनेजमेंट के फाउंडर हैं और एक जाने-माने फंड मैनेजर हैं. वह US सेंट्रल बैंक और फिएट करेंसी के आलोचक रहे हैं. उन्होंने लगातार सोने और दूसरी कीमती धातुओं में इन्वेस्ट करने की सलाह दी है. उनकी भविष्यवाणियां और चेतावनियां हमेशा इन्वेस्टर्स और इकोनॉमिस्ट्स के लिए ध्यान देने लायक रही हैं.
शिफ ने यह बयान एक इंटरव्यू में दिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. शिफ ने कहा, “डॉलर गिरने वाला है. इसकी जगह सोना लेगा. जिस आर्थिक संकट की ओर हम बढ़ रहे हैं, वह 2008 की मंदी से कहीं ज्यादा बड़ा होगा.” उनका कहना है कि कई देश और सेंट्रल बैंक धीरे-धीरे अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी बॉन्ड से दूर जा रहे. वह सब अपनी मुद्राओं को सहारा देने के लिए अपने सोने के भंडार बढ़ा रहे हैं.
पीटर शिफ को 2008 की मंदी की भविष्यवाणी के लिए भी जाना जाता है. उन्होंने पहले अमेरिकी हाउसिंग मार्केट और बैंकिंग सिस्टम में जोखिमों के बारे में चेतावनी दी थी, जो बाद में सच साबित हुई. शिफ का कहना है कि इस बार संकट अमेरिका में केंद्रित होगा, जबकि 2008 की मंदी का असर दुनिया भर में महसूस किया गया था. शिफ का मानना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था उतनी मजबूत नहीं है जितनी दिखाई जा रही है.