बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआत मजबूत अंदाज में की, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में अच्छी तेजी देखने को मिली. हालांकि, दिन चढ़ने के साथ ही निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे शुरुआती बढ़त कुछ कम हो गई. इसके बावजूद बाजार हरे निशान में बंद हुआ. इसी बीच रुपये में गिरावट जारी रही और यह डॉलर के मुकाबले नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जिसने बाजार की दिशा पर असर डाला.
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स करीब 929 अंकों की छलांग लगाकर 77,000 के पार पहुंच गया था. निफ्टी भी 23,800 के ऊपर कारोबार कर रहा था लेकिन दोपहर तक बाजार में तेजी धीमी पड़ गई. करीब 2:45 बजे सेंसेक्स 700 से ज्यादा अंकों की बढ़त के साथ 76,800 के आसपास रहा, जबकि निफ्टी 23,700 के ऊपर बना रहा.
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले दो कारोबारी सत्रों में बाजार में लगातार तेजी देखने को मिली थी. ऐसे में निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफा निकालना शुरू कर दिया. इसी कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा और शुरुआती बढ़त पूरी तरह कायम नहीं रह सकी.
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बाजार पर दबाव बनाए रखा. मंगलवार को ही उन्होंने हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए थे. मार्च महीने में अब तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली का आंकड़ा काफी बड़ा हो चुका है, जिससे बाजार की मजबूती पर असर पड़ रहा है.
इस बीच भारतीय रुपये ने कमजोरी का नया रिकॉर्ड बनाया और यह 92.62 प्रति डॉलर तक गिर गया. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है. तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता का कारण हैं, जिससे बाजार और अर्थव्यवस्था दोनों पर दबाव बना हुआ है.