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धनतेरस पर मुंबई के झवेरी बाजार में बिक गया 36 टन सोना, सिक्कों और गोल्ड बार की खरीद में दिखी तेजी

Dhanteras 2025: धनतेरस पर जहां लोगों ने देश भर में जमकर खरीदारी की, वही मुंबई के मशहूर झवेरी बाजार में सोने की रिकॉर्ड बिक्री हुई. देश भर में इस बार धनतेरस पर लगभग 50,000 करोड़ रुपये का कुल कारोबार होने का अनुमान है.

Kanhaiya Kumar Jha
धनतेरस पर मुंबई के झवेरी बाजार में बिक गया 36 टन सोना, सिक्कों और गोल्ड बार की खरीद में दिखी तेजी
Courtesy: Gemini AI

Dhanteras 2025: धनतेरस के अवसर पर शनिवार को मुंबई के मशहूर झवेरी बाजार में भारी खरीदारी देखने को मिली. धनतेरस पर ग्राहकों का झुकाव इस बार आभूषणों की तुलना में सोने और चांदी के सिक्कों तथा गोल्ड बार की ओर अधिक रहा. बाजार में करीब 36 टन सोने की बिक्री दर्ज की गई, जबकि देर रात तक यह आंकड़ा 40 से 45 टन तक पहुंचने का अनुमान है.

धनतेरस से एक दिन पहले सोने की कीमत 1,36,000 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो शनिवार को 5,000 रुपये की गिरावट के बाद 1,31,425 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई. चांदी की कीमत भी 157,590 रुपये प्रति किलोग्राम रही. कीमतों में गिरावट से उपभोक्ताओं में उत्साह देखने को मिला और सुबह से ही बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी.

50,000 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान

देशभर में सोना-चांदी की खरीदारी के चलते इस बार धनतेरस पर लगभग 50,000 करोड़ रुपये का कुल कारोबार होने का अनुमान है. सिक्कों और गोल्ड बार की मांग में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिली, जबकि पारंपरिक सोने के आभूषणों की बिक्री में कुछ कमी दर्ज की गई.

सिक्कों और बार की मांग में उछाल

बाजार में दो ग्राम से लेकर सौ ग्राम तक के सोने के सिक्कों की बिक्री हुई. ग्राहकों ने ज्वेलरी की जगह निवेश के रूप में सिक्के और बार खरीदने में अधिक रुचि दिखाई. शाम तक सोने की बिक्री 35 टन तक पहुंच गई थी.

पिछले साल से बिक्री में थोड़ी कमी

इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के सचिव सुरेंद्र मेहता के अनुसार, पिछले वर्ष धनतेरस पर करीब 39 टन सोने की बिक्री हुई थी, जबकि इस बार बिक्री में लगभग 10 प्रतिशत की कमी का अनुमान है. सोने के रिकॉर्ड भाव के कारण आभूषणों की बिक्री में 25 से 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की जा सकती है.

बॉम्बे बुलियन एसोसिएशन के प्रवक्ता ने बताया कि धनतेरस पर सोने के दाम में 5,000 रुपये तक की गिरावट ग्राहकों के लिए राहत भरी रही. यही वजह है कि सिक्कों और बार की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखा गया.

सुबह से देर रात तक चला खरीदारी का सिलसिला

बाजार में खरीदारी का दौर सुबह 9 बजे से ही शुरू हो गया था और देर रात तक जारी रहने की संभावना है. कई ज्वेलर्स के अनुसार, लोगों ने इस बार पारंपरिक गहनों के बजाय छोटे वजन के सोने-चांदी के सिक्कों में निवेश को प्राथमिकता दी.