8वां केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) इस समय अपने परामर्श चरण में है. आयोग देश भर में केंद्रीय कर्मचारियों, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और विभिन्न कर्मचारी संघों से विचार-विमर्श कर रहा है. हाल ही में आयोग ने चेन्नई और पुडुचेरी में अपनी बैठकें पूरी की हैं, जबकि आने वाले हफ्तों में चंडीगढ़ और बेंगलुरु का दौरा निर्धारित किया गया है. इन दौरों के दौरान वेतन संरचना, महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), फिटमेंट फैक्टर और अन्य सुविधाओं की समीक्षा की जा रही है.
फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा गणितीय गुणक (Multiplier) है, जिसके आधार पर कर्मचारियों के पुराने मूल वेतन (Basic Salary) और पेंशनभोगियों की पेंशन को नई वेतन संरचना में बदला जाता है. इसका साधारण फॉर्मूला है: वर्तमान मूल वेतन × फिटमेंट फैक्टर = नया मूल वेतन.
7वें वेतन आयोग के दौरान 2.57 का फिटमेंट फैक्टर तय किया गया था, जिससे लेवल-1 के कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन 7,000 रुपए से बढ़कर 18,000 रुपए प्रति माह हो गया था.
विभिन्न कर्मचारी यूनियनों और हितधारकों ने इस बार उच्च फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है. मीडिया रिपोर्ट्स और वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, रूढ़िवादी अनुमान 1.83 से 2.00 के बीच हैं, जबकि मध्यम अनुमान 2.00 से 2.57 के बीच लगाए जा रहे हैं. वहीं, कर्मचारी संघों की सबसे बड़ी मांग 3.83 फिटमेंट फैक्टर की है. हालांकि, आयोग ने अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है. आयोग की सिफारिशें आने के बाद केंद्र सरकार की मंजूरी भी आवश्यक होगी.
वेतन वृद्धि की संभावित गणना (पे मैट्रिक्स के अनुसार)
यदि 8वें वेतन आयोग में 2.57 या 3.83 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो विभिन्न पे-लेवल पर संभावित मूल वेतन इस प्रकार हो सकता है:
| पे मैट्रिक्स लेवल | 7वां वेतन आयोग (वर्तमान बेसिक) | 8वां वेतन आयोग 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित बेसिक | 3.83 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित बेसिक |
Level 1 ₹18,000 ₹46,260 ₹68,940
Level 2 ₹19,900 ₹51,143 ₹76,217
Level 3 ₹21,700 ₹55,769 ₹83,111
Level 4 ₹25,500 ₹65,535 ₹97,665
Level 5 ₹29,200 ₹75,044 ₹1,11,836
Level 6 ₹35,400 ₹90,978 ₹1,35,582
Level 7 ₹44,900 ₹1,15,393 ₹1,71,967
Level 10 ₹56,100 ₹1,44,177 ₹2,14,863
Level 13 ₹1,23,100 ₹3,16,367 ₹4,71,473
Level 18 ₹2,50,000 ₹6,42,500 ₹9,57,500
आयोग की अंतिम सिफारिशों का सीधा प्रभाव लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों पर पड़ेगा, जिनमें रक्षा और रेलवे कर्मी भी शामिल हैं. यह विशाल कार्यबल भारत के कुल 60 करोड़ कार्यबल का लगभग 0.7% और औपचारिक क्षेत्र का करीब 9% हिस्सा है.
तय समयावधि के अनुसार, आयोग को गठन की तिथि (3 नवंबर 2025) से 18 महीनों के भीतर यानी मई 2027 तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी है. इसके बाद सिफारिशों को पूरी तरह से लागू होने में 2029 या 2030 तक का समय लग सकता है.