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India Daily

एवरेस्ट मसाले पर चला FSSAI का चाबुक, हींग की बिक्री पर लगाया बैन, इन तीन मसालों में भी मिली खामियां

FSSAI ने लैब जांच में गुणवत्ता मानक से कम पाए जाने पर एवरेस्ट और लालजी गोदहू की हींग की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है. तीन अन्य मसालों में भी कमियां पाई गई हैं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
एवरेस्ट मसाले पर चला FSSAI का चाबुक, हींग की बिक्री पर लगाया बैन, इन तीन मसालों में भी मिली खामियां
Courtesy: X

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स और लालजी गोदहू द्वारा निर्मित हींग की बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है. लैब टेस्ट में इन ब्रांड्स की हींग तय मानकों पर खरी नहीं उतरी. FSSAI ने दोनों कंपनियों को बाजार से अपना माल वापस लेने और मानकों के उल्लंघन पर सफाई देने का निर्देश दिया है. यह रोक नियम का पालन होने तक जारी रहेगी.

तीन अन्य एवरेस्ट मसालों में पाई गई अनियमिताएं

हींग के अलावा FSSAI को जांच के दौरान एवरेस्ट के एग करी मसाला, चिकन मसाला और गरम मसाला में भी अनियमिताएं मिली हैं. हालांकि, प्राधिकरण ने इन तीनों मसालों की बिक्री पर फिलहाल कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन कंपनी को इनमें भी सुधार करने की चेतावनी दी गई है.

लैब रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

खाद्य सुरक्षा नियामक के अनुसार, मुंबई और गुजरात स्थित इकाइयों से लिए गए सैंपलों में कच्ची हींग की मात्रा काफी कम पाई गई. नियमों के तहत कंपाउंडेड हींग में कम से कम 5% अल्कोहल-घुलनशील एक्सट्रैक्ट होना अनिवार्य है, लेकिन नमूनों में यह मात्र 0 से 3% पाया गया. इसके अलावा लालजी गोदहू की हींग में स्टार्च की मात्रा तय 1% की सीमा से बहुत अधिक (15 से 32%) पाई गई.

पैक्ड फूड्स पर चेतावनी लेबल की तैयारी

इस सख्त कार्रवाई के बीच FSSAI ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि वह अधिक चीनी, नमक या सैचुरेटेड फैट वाले पैक्ड खाद्य पदार्थों के पैकेट पर लाल रंग का हेक्सागोनल चेतावनी लेबल लगाने का प्रस्ताव कर रहा है. इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को स्वास्थ्य संबंधी खतरों के प्रति जागरूक करना है.