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पुराना चालान है तो 12 सितंबर की तारीख याद रखें, कम रकम में निपट सकता है मामला! जानिए कैसे

अगर आपकी गाड़ी का कोई पुराना ट्रैफिक चालान अभी तक जमा नहीं हुआ है, तो 12 सितंबर 2026 आपके लिए अहम तारीख हो सकती है.

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Edited By: Reepu Kumari
पुराना चालान है तो 12 सितंबर की तारीख याद रखें, कम रकम में निपट सकता है मामला! जानिए कैसे
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: सड़कों पर ट्रैफिक नियमों की निगरानी बढ़ने के साथ ई चालान कटना अब आम हो गया है. कई लोग चालान की रकम ज्यादा होने या किसी दूसरी वजह से समय पर भुगतान नहीं कर पाते. धीरे धीरे यही बकाया परेशानी बन सकता है. ऐसे वाहन चालकों के लिए 12 सितंबर 2026 को होने वाली नेशनल लोक अदालत महत्वपूर्ण मौका है. इस दिन लंबित और पात्र ट्रैफिक चालानों का निपटारा कराया जा सकता है.

लोक अदालत में मामला सुलझने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पात्र चालानों की राशि कम हो सकती है. यहां होने वाला फैसला अंतिम माना जाता है और उसके खिलाफ दूसरी अदालत में अपील नहीं की जा सकती. चालान का निपटारा होने के बाद वाहन से जुड़ा लंबित रिकॉर्ड भी साफ हो सकता है. इससे वाहन मालिक को आगे की प्रक्रिया में राहत मिल सकती है.

हर चालान पर नहीं मिलेगी राहत

लोक अदालत में मुख्य रूप से शमनीय यानी समझौते के जरिए निपटाए जा सकने वाले मामलों पर विचार किया जाता है. ओवरस्पीडिंग, गलत पार्किंग और रेड लाइट जंप जैसे चालान इसमें आ सकते हैं. बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट या वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल से जुड़े मामलों को भी पात्रता के अनुसार निपटाया जा सकता है. बिना पीयूसी या इंश्योरेंस से जुड़े चालान भी इसमें शामिल हो सकते हैं.

कोर्ट पहुंचने से पहले ये दस्तावेज रखें साथ

लोक अदालत में चालान निपटाने के लिए वाहन चालक को संबंधित जिला कोर्ट परिसर जाना होगा. वहां अपने लंबित चालान की प्रिंटेड कॉपी साथ रखना जरूरी है. इसके अलावा वाहन की आरसी, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस की कॉपी और पीयूसी प्रमाणपत्र भी साथ रखने होंगे. कोर्ट परिसर में बने हेल्प डेस्क पर पहले चालान की स्थिति की जांच की जाएगी. इसके बाद मामले को आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा.

मामला संबंधित प्रक्रिया के तहत जज के सामने रखा जाएगा. वहां सहमति के आधार पर चालान की राशि तय की जा सकती है. भुगतान पूरा होने के बाद रसीद दी जाएगी. चालान का निपटारा होने पर वाहन के रिकॉर्ड में लंबित स्थिति हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. इस तरह एक लंबे समय से अटके मामले को कम खर्च में सुलझाने का मौका मिल सकता है.

चालान लटकाए रखना पड़ सकता है भारी

पुराने चालान को लगातार लंबित रखने से वाहन मालिक को आगे परेशानी हो सकती है. लंबित चालान की वजह से वाहन से जुड़े कुछ कामों में दिक्कत आ सकती है. इंश्योरेंस के नवीनीकरण, एनओसी लेने या आरसी दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कराने जैसी प्रक्रियाओं में परेशानी सामने आ सकती है. लंबे समय तक बकाया रहने पर ट्रैफिक पुलिस की ओर से कोर्ट का समन भी जारी किया जा सकता है.