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Suzuki e-Access: 95km की रेंज या सेफ्टी का भरोसा? इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में क्या है खास, खरीदने से पहले जानें

सुज़ुकी ई-एक्सेस को रोजमर्रा की शहरी सवारी के लिए तैयार किया गया है. इसमें एलएफपी बैटरी, कई सुरक्षा परीक्षण, अलग-अलग राइडिंग मोड और 95 किलोमीटर तक की कंपनी-दावा की गई रेंज मिलती है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
Suzuki e-Access: 95km की रेंज या सेफ्टी का भरोसा? इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में क्या है खास, खरीदने से पहले जानें
Courtesy: social media

इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय अब ग्राहक केवल ज्यादा रेंज नहीं देखते. बैटरी की सुरक्षा, लंबे समय तक प्रदर्शन और खराब सड़कों पर मजबूती भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है. सुज़ुकी ई-एक्सेस इसी जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें रोजाना की आवाजाही को आसान बनाने पर जोर दिया गया है.

सुरक्षा पर दिया गया खास ध्यान

सुज़ुकी ई-एक्सेस की बैटरी और प्रमुख हिस्सों को कई तरह की परिस्थितियों में जांचा गया है. कंपनी के अनुसार, इनमें पानी में डूबने, अत्यधिक तापमान, गिरने, कंपन, मोटर, पंक्चर और दबाव से जुड़े परीक्षण शामिल हैं. इनका मकसद यह देखना है कि स्कूटर बारिश, गर्मी, खराब रास्तों और लंबे इस्तेमाल जैसी परिस्थितियों में सुरक्षित तरीके से काम कर सके. एलएफपी बैटरी का इस्तेमाल भी सुरक्षा और टिकाऊपन को ध्यान में रखकर किया गया है.

रोज की सवारी के लिए उपयोगी फीचर्स

ई-एक्सेस में शहर के रोजाना सफर को ध्यान में रखते हुए कई सुविधाएं दी गई हैं. इसमें रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग, मेंटेनेंस-फ्री बेल्ट ड्राइव और सुज़ुकी ड्राइव मोड सेलेक्टर-ई शामिल है. राइडर को इको, राइड ए, राइड बी और रिवर्स जैसे मोड मिलते हैं. कंपनी ने स्कूटर को इस तरह तैयार करने पर जोर दिया है कि बैटरी का चार्ज कम होने पर भी पावर डिलीवरी नियंत्रित और सहज बनी रहे. इससे ट्रैफिक में बार-बार रुकने और चलने वाली सवारी आसान हो सकती है.

95 किलोमीटर तक की रेंज

रेंज के मामले में सुज़ुकी ई-एक्सेस एक बार चार्ज करने पर 95 किलोमीटर तक चलने का कंपनी दावा करता है. यह आंकड़ा रोजाना शहर में ऑफिस, बाजार या दूसरे जरूरी कामों के लिए इस्तेमाल करने वाले राइडर्स के लिहाज से महत्वपूर्ण है. हालांकि वास्तविक रेंज सड़क, ट्रैफिक, मौसम और राइडिंग तरीके पर निर्भर कर सकती है. कुल मिलाकर, ई-एक्सेस में सुज़ुकी ने सिर्फ फीचर्स के बजाय सुरक्षा, मजबूती और नियमित इस्तेमाल को प्राथमिकता देने की कोशिश की है.