एक समय था जब भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में होंडा सिटी, मारुति सिआज और हुंडई वरना जैसी सेडान कारें ग्राहकों की पहली पसंद थीं. इनकी स्टाइलिश डिज़ाइन, आरामदायक इंटीरियर और विश्वसनीयता ने इन्हें मिड-साइज सेडान सेगमेंट में शीर्ष पर पहुंचाया था. लेकिन समय के साथ बदलते उपभोक्ता रुझानों और एसयूवी की बढ़ती लोकप्रियता ने इन कारों की मांग में भारी गिरावट ला दी है.
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अप्रैल 2025 में इन सेडान कारों की बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई. होंडा सिटी की बिक्री में 50% की गिरावट के साथ मात्र 406 यूनिट्स बिकीं. हुंडई वरना की बिक्री में 36% की गिरावट के साथ 1,005 यूनिट्स की बिक्री हुई. मारुति सिआज की बिक्री में 63% की गिरावट के साथ केवल 321 यूनिट्स बिकीं. यह गिरावट दर्शाती है कि उपभोक्ता अब अधिक फीचर्स और आधुनिक डिज़ाइन वाली कारों की ओर आकर्षित हो रहे हैं.
नए प्रतिस्पर्धियों के आगमन और ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताओं ने इन कारों की लोकप्रियता को प्रभावित किया है.
1. होंडा सिटी:
होंडा सिटी, जो कभी मिड-साइज सेडान सेगमेंट की अग्रणी थी, अब बिक्री में गिरावट का सामना कर रही है. अप्रैल 2025 में इसकी बिक्री 50% घटकर मात्र 406 यूनिट्स रह गई है.
2. हुंडई वरना
हुंडई वरना की बिक्री में भी कमी आई है, अप्रैल 2025 में इसकी बिक्री 36% घटकर 1,005 यूनिट्स रही.
3. मारुति सुजुकी सियाज
सियाज की स्थिति और भी चिंताजनक है, जिसकी बिक्री अप्रैल 2025 में 63% घटकर केवल 321 यूनिट्स रह गई.
होंडा सिटी, हुंडई वरना और मारुति सियाज जैसी सेडान कारें, जो कभी भारतीय बाजार में अपनी मजबूत पकड़ रखती थीं, अब बिक्री में गिरावट का सामना कर रही हैं. नए प्रतिस्पर्धियों के आगमन और ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताओं ने इन कारों की लोकप्रियता को प्रभावित किया है. यह परिवर्तन ऑटोमोबाइल उद्योग में नवाचार और उपभोक्ता प्रवृत्तियों के महत्व को दर्शाता है.