menu-icon
India Daily

Honda Africa Twin: होंडा अफ्रीका ट्विन में आई तकनीकी खामी, कंपनी ने किया बड़ा रिकॉल; जानें पूरी डिटेल

Honda Africa Twin: अगर आपके पास 2019 से 2025 के बीच बनी होंडा अफ्रीका ट्विन है, तो कंपनी की ओर से जल्द ही आपसे संपर्क किया जाएगा. बेहतर होगा कि आप अपनी बाइक की जांच करवाकर इस समस्या का निवारण समय रहते कर लें.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
Honda Africa Twin: होंडा अफ्रीका ट्विन में आई तकनीकी खामी, कंपनी ने किया बड़ा रिकॉल; जानें पूरी डिटेल
Courtesy: Pinterest

Honda Africa Twin: भारत में टू-व्हीलर बाजार में होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) का नाम भरोसे और सुरक्षा से जोड़ा जाता है. इसी जिम्मेदारी को निभाते हुए कंपनी ने अपनी पॉपुलर एडवेंचर बाइक होंडा CRF1100L अफ्रीका ट्विन (Honda Africa Twin) को रिकॉल किया है. यह रिकॉल 2019 से 2025 के बीच बनी चुनिंदा यूनिट्स पर लागू होगा. होंडा का यह कदम उसके ग्लोबल सेफ्टी इनिशिएटिव का हिस्सा है, ताकि ग्राहकों को पूरी तरह सुरक्षित और परेशानी-रहित राइडिंग अनुभव मिल सके.

कंपनी का कहना है कि यह प्रिवेंटिव एक्शन है, जो किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए उठाया गया है.कंपनी ने बताया कि प्रभावित बाइक्स के लेफ्ट हैंडल स्विच से जुड़े वायरिंग हार्नेस में खामी पाई गई है. लगातार हैंडलबार घुमाने पर वायर बार-बार मुड़ती है, जिससे लंबे समय में टर्मिनल पर ऑक्सीडेशन हो सकता है.

खराबी

इसके चलते करंट फ्लो बाधित होता है और नतीजतन हॉर्न काम करना बंद कर सकता है या हेडलाइट का हाई-लो बीम फेल हो सकता है. हालांकि यह खामी बाइक्स की सुरक्षा पर सीधे असर नहीं डालती, लेकिन होंडा ने एहतियातन रिकॉल करने का फैसला लिया है.

क्या है समस्या?

रिकॉल की गई बाइक्स में मुख्य समस्या लेफ्ट हैंडल स्विच से जुड़ी वायरिंग हार्नेस में है. लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद वायरिंग में ऑक्सीडेशन हो सकता है, जो इलेक्ट्रिकल सर्किट को प्रभावित करता है. इसके चलते राइडर को हॉर्न और हेडलाइट जैसी बेसिक सुविधाओं में परेशानी हो सकती है.

कंपनी क्या करेगी?

होंडा ने साफ किया है कि प्रभावित पार्ट्स को पूरी तरह मुफ्त में बदला जाएगा, चाहे बाइक वारंटी में हो या न हो. यह रिप्लेसमेंट सर्विस जनवरी 2026 के चौथे सप्ताह से देशभर के होंडा बिगविंग टॉपलाइन डीलरशिप्स पर उपलब्ध होगी. कंपनी ग्राहकों से सीधे फोन कॉल, ईमेल और एसएमएस के जरिए संपर्क करेगी, ताकि वे अपनी बाइक को जांच और रिपेयर के लिए बुक करा सकें. साथ ही ग्राहक अपने व्हीकल आईडेंटिफिकेशन नंबर (VIN) को होंडा की ऑफिशियल वेबसाइट पर डालकर भी चेक कर सकते हैं.

ग्राहकों के लिए क्या मायने?

कंपनी का कहना है कि यह रिकॉल बाइक की सुरक्षा पर सवाल नहीं उठाता, बल्कि यह एक प्रिवेंटिव स्टेप है. होंडा चाहती है कि छोटी-सी तकनीकी गड़बड़ी भी बड़े हादसे में तब्दील न हो. यह कदम ग्राहकों के भरोसे को और मजबूत करता है और कंपनी की ग्राहक-प्रथम नीति को दर्शाता है.