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भगवान विष्णु को प्रिय है ये चीज, लक्ष्मी पूजा में क्यों बन जाती है नाराजगी की वजह?

तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है और उनकी पूजा बिना तुलसीदल के अधूरी मानी जाती है. लेकिन यही तुलसी जब मां लक्ष्मी की पूजा में चढ़ा दी जाए.

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Edited By: Reepu Kumari
भगवान विष्णु को प्रिय है ये चीज, लक्ष्मी पूजा में क्यों बन जाती है नाराजगी की वजह?
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा सुख-समृद्धि से जोड़ी जाती है. विष्णु पूजा में तुलसीदल अनिवार्य है, लेकिन लक्ष्मी पूजा में तुलसी चढ़ाना वर्जित माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी को विष्णुप्रिया माना जाता है और इसी कारण लक्ष्मी पूजा में इसका प्रयोग नहीं किया जाता. सही विधि से पूजा करने पर ही पूर्ण फल मिलता है.

हिंदू धर्म में हर देवी-देवता की पूजा से जुड़े कुछ विशेष नियम और परंपराएं होती हैं. इन्हें जानना उतना ही जरूरी माना जाता है, जितना पूजा करना. अक्सर लोग अनजाने में ऐसी चीजें अर्पित कर देते हैं, जो पूजा का फल देने की बजाय दोष का कारण बन जाती हैं. तुलसी और लक्ष्मी पूजा से जुड़ा नियम भी ऐसा ही है, जिसे लेकर भ्रम बना रहता है.

विष्णु पूजा में तुलसी का विशेष महत्व

भगवान विष्णु की पूजा में तुलसीदल का विशेष स्थान है. मान्यता है कि तुलसी के बिना विष्णु पूजा पूरी नहीं मानी जाती. तुलसी अर्पित करने से श्रीहरि शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. यही कारण है कि हर एकादशी और विष्णु पूजा में तुलसीदल अनिवार्य रूप से चढ़ाया जाता है.

लक्ष्मी पूजा में तुलसी क्यों है वर्जित

धार्मिक कथाओं के अनुसार तुलसी को विष्णुप्रिया कहा जाता है और देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु और तुलसी का विवाह होता है. इसी वजह से जब केवल मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है, तो तुलसी अर्पित नहीं की जाती. ऐसा माना जाता है कि इससे मां लक्ष्मी अप्रसन्न हो जाती हैं.

तुलसी को लक्ष्मी का ही स्वरूप माना जाता है

शास्त्रों में तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का ही स्वरूप बताया गया है. घर में तुलसी का पौधा होना शुभ माना जाता है. रोज तुलसी को जल चढ़ाने और दीपक जलाने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है और मां लक्ष्मी का वास होता है.

तुलसी पूजा से कैसे मिलती है समृद्धि

सुबह तुलसी को जल देना, परिक्रमा करना और शाम को घी का दीपक जलाना अत्यंत फलदायी माना गया है. ऐसा करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होते हैं. मान्यता है कि इससे घर में धन, सुख और शांति बनी रहती है.

विष्णु के सभी अवतारों को प्रिय है तुलसी

भगवान विष्णु के अवतार जैसे श्रीराम और श्रीकृष्ण की पूजा में भी तुलसीदल चढ़ाया जाता है. तुलसी अर्पित करने से पूजा का पूर्ण फल मिलता है और भक्तों को आध्यात्मिक संतोष की अनुभूति होती है. यही कारण है कि तुलसी को सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है.

Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.  theindiadaily.com  इन जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.